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शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा-“…मुझे नहीं लगता है कि सदन चल पाएगा”

नई दिल्ली:  (मानवीय सोच)  तृणमूल कांग्रेस के नेता और बॉलीवुड के शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा ने संसद में चल रहे हंगामे पर कहा कि पहली बार ऐसा देखने में आ रहा है कि सत्ताधारी दल सदन में व्यवधान पैदा कर रहा है. सत्ताधारी दल ऐसी बातों पर व्यवधान पैदा कर रहा है, जो सदन के अंदर कही ही नहीं गई है. राहुल गांधी के माफी मांगने के सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि इसका औचित्य नहीं है कि वह माफी मांगे, क्योंकि प्रधानमंत्री ने भी पहले देश के बाहर ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है.

यह बताई संसद न चलने की वजह
एक्सक्लूसिव बातचीत में सदन की कार्यवाही न चलने के सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि, यह तो अपेक्षित था, क्योंकि पहली बार भारत के इतिहास में, खास तौर पर संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सत्ताधारियों ने, बीजेपी ने व्यवधान पैदा किया है. इन्होंने एक ऐसी मांग रख दी जिसका मुझे नहीं लगता कोई औचित्य था. रूलिंग पार्टी कह रही है कि आपने पार्लियामेंट के बाहर जो कुछ बातें कहीं, खासकर राहुल गांधी के बारे में, उसके लिए आप सदन में माफी मांगें. जब तक माफी नहीं मांगेंगे, तब तक सदन नहीं चलने देंगे.

सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी इससे पहले ऐसी भाषा और ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है जो बहुतों को भारत के प्रति अपमानजनक दिखता है. जैसा उन्होंने शंघाई, चाइना में कहा, सियोल में कहा, साउथ कोरिया में कहा. कई लोग तो कहते हैं- उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. उन्होंने जो कहा तो उसकी कोई बात नहीं, चर्चा नहीं. इधर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अगर कोई बात कही तो उसके लिए कहा जा रहा है कि आप सदन में माफी मांगें. अब तो यह लोग सदन में यहां तक कह रहे हैं कि राहुल गांधी देशद्रोही हैं. यदि देशद्रोह का काम किया तो उनको पकड़ क्यों नहीं लिया अब तक?

राहुल गांधी ने कहीं कोई बात कही है तो उसको संसद में क्यों मुद्दा बनाया जा रहा है. सदन में यह लोग उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं. अगर वह देशद्रोही है तो आपकी सरकार है. उनको क्यों नहीं गिरफ्तार कर रहे हैं? उनको क्यों नहीं पकड़ रहे हैं? सारी एजेंसी आपके पास है. उसका बकायदा दुरुपयोग हो रहा है. क्यों नहीं करवाई कर रहे हैं? शॉटगन ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि सदन चल पाएगा. संसद न चल पाए, इसके लिए ही सत्ताधारी पक्ष के दोस्त ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं. जल्द 9 राज्यों में चुनाव होने हैं. वहां असली अग्निपरीक्षा होगी. संसद से अगर बातें निकलेंगी तो दूर तलक जाएंगी. मुझे इस बार संसद के चलने का तो रास्ता नहीं दिख रहा है.

विपक्ष एक साथ…
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री को तो खुद भी जांच एजेंसी का अनुभव है. लोग पूछ रहे हैं कि विपक्ष के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? विपक्ष के नेताओं को क्यों टारगेट किया जा रहा है? हम जैसे लोग तो बहुत भाग्यशाली हैं कि अभी तक उनके दायरे से बचे हुए हैं, क्योंकि हमने अपने आप को पाक साफ रखा हुआ है. देखिए दाल में घी गिर रहा है. सारी पार्टियों से अगर आप बात करें तो विपक्ष के ज्यादातर लोग एक साथ हैं. कभी अगर सब साथ नहीं दिख रहे हैं तो रीजनल वजह से नहीं दिख रहे, लेकिन मुद्दों से कोई अलग नहीं है. अब विपक्ष एक साथ आ गया है. पूजा करने की पद्धति अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सब एक साथ एकजुट हैं. चुनाव के बाद विपक्ष का नेता सर्वसम्मति से चुना जाएगा. इस सरकार के लिए अच्छे दिन नहीं आने वाले हैं.

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