लखनऊ (मानवीय सोच) छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे हाइजिया एजूकेशनल ग्रुप के फार्मेसी कॉलेज का एक मामूली कर्मचारी दस साल में करोड़पति बन गया। दो हजार रुपये से अपनी नौकरी की शुरुआत करने वाला फार्मेसी कॉलेज के कर्मचारी रवि प्रकाश गुप्ता ने हाइजिया के संचालकों के साथ मिलकर ऐसा जाल बुना
जिससे ग्रुप की रोजाना की कमाई लाखों रुपये तक पहुंच गई। हाइजिया ग्रुप और रवि प्रकाश गुप्ता के आवास पर ईडी के छापों से खुलासा हुआ कि छात्रवृत्ति घोटाले की रकम की बंदरबांट कर बेशकीमती संपत्तियों को खरीदा गया।
सूत्रों की मानें तो हाइजिया ग्रुप पर पड़े छापों में अब तक 80 से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हो चुके हैं। इनमें से अधिकतर संपत्तियां ईडी की गिरफ्त में आए इजहार हुसैन जाफरी उर्फ हनी जाफरी के नाम हैं, जबकि कई संपत्तियों के दस्तावेज ऐसे भी मिले हैं, जिनके बेनामी होने की आशंका जताई जा रही है।
