वाराणसी (मानवीय सोच) काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन द्वारा पिछले दिनों छात्रों को निलंबित करने के आदेश को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों के निलंबन, फीस वृद्धि समेत अन्य मुद्दों को लेकर परिसर में कुछ दिन पहले कुलपति के खिलाफ पोस्टर लगे थे। वहीं बुधवार को बीएचयू बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले काला दिवस मनाया जा रहा है।
काली पट्टी बांधकर छात्रों ने परिसर के विभागों, संकायों, संस्थानों में पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध जताया। सभी ने छात्रों के निलंबन समेत अन्य कार्रवाई को गलत बताया। विश्वविद्यालय प्रशासन पर लोकतांत्रिक मूल्यों के दमन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई वापस लेने और छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।
विभागों और संकायों में बांटे गए थे पर्चे
लंका गेट, विभिन्न संकायों, संस्थानों, विभागों, साइबर लाइब्रेरी, सेंट्रल लाइब्रेरी, विश्वनाथ मंदिर में काली पट्टी बांधकर छात्रों ने काला दिवस मनाया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे छात्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे छात्रों का निलंबन न्याय संगत नहीं है।
नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन
तीन छात्रों को किया गया है निलंबित
