लखनऊ (मानवीय सोच) बीज गन्ना एवं गन्ना किस्म स्वीकृति उपसमिति ने प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए दो नई किस्में को.शा.17231 एवं यू.पी.14234 को स्वीकृति प्रदान की है। गन्ना आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में ये किस्में रिलीज की गईं।
प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को इस उप समिति की बैठक आयोजित की गयी। उपसमिति में प्रदेश के गन्ना किसान एवं चीनी मिलें भी सदस्य हैं। बैठक में कमेटी ने 2 नई गन्ना किस्मों को सामान्य खेती के लिए रिलीज किया। इस मौकेपर गन्ना शोध परिषद के प्रजनन अनुभाग के वैज्ञानिकों ने इन किस्मों के जातीय परीक्षण के उपज, गन्ना लंबाई प्रतिशत, रस में शर्करा प्रतिशत आदि आंकड़े प्रस्तुत किए।
स्टैंडर्ड गन्ना प्रजाति को.0238 एवं को.शा. 767 से उसका तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया। इन आंकड़ों पर उपसमिति के सदस्यों द्वारा गहन विचार-विमर्श कर अपने सुझाव रखे गए। गन्ना आयुक्त ने दोनों किस्मों को स्वीकृत करते हुए कहा कि से किस्में किसानों के जीवन में और मिठास भरेंगी। इनसे उत्पादन में वृद्वि के साथ-साथ चीनी परते में भी वृद्वि होगी।
यह है इनकी विशेषता
गन्न आयुक्त ने बताया कि किस्म यू.पी.14234 उन क्षेत्रों के लिए है, जहां की भूमि ऊसर है तथा उन क्षेत्रों में गन्ने की खेती नहीं हो पा रही है। या गन्ने की उपज बहुत कम है। ऐसे क्षेत्रों में यू.पी. 14234 गन्ना किसानों हेतु लाभदायक सिद्ध होगी। उन्होंने को.शा.17231 गन्ना किस्म के बारे में बताया कि इस नवीन किस्म का जमाव एवं मिल योग्य गन्नों की संख्या काफी अच्छी है। गन्ना मोटा एवं लंबा होने के साथ-साथ पेड़ी उत्पादन क्षमता भी बेहतर है। ये लाल सड़न रोग रोधी भी हैं।
अस्वीकृत मानी जाएगी किस्म को.पी.के.05191
बैठक में निर्णय लिया गया कि लाल सड़न रोग ज्यादा होने के कारण गन्ना किस्म को.पी.के.05191 को बाहर किया जाए। पेराई सत्र 2023-24 में इसी केवल पेड़ी फसल को सामान्य किस्म के रूप में लिया जाएगा। बुवाई वर्ष 2022-23 से यह किस्म बुवाई के लिए प्रतिबंधित होगी तथा बुवाई करने की दशा में इसे अस्वीकृत किस्म के रूप में माना जायेगा। बैठक में अपर गन्ना आयुक्त वीके.शुक्ल, डा. वी.बी.सिंह, डा. आर.सी.पाठक आदि मौजूद रहे।
