लखनऊ (मानवीय सोच) स्वास्थ्य विभाग में लैपटॉप व प्रिंटर के नाम पर लाखों रुपये के खेल का खुलासा हुआ है। यह कारनामा 11 जिलों में ब्लैक लिस्टेड दो कंपनियों को आपूर्ति का टेंडर देकर अंजाम दिया गया। मामले का खुलासा होने पर आपूर्ति कार्यादेश निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। एनएचएम निदेशक ने संबंधित जिलों के डीएम को पत्र भेजकर मामले की जांच कर सप्ताहभर में रिपोर्ट देने को कहा है।
दरअसल, विभिन्न जिलों में सीएमओ कार्यालय में लैपटॉप और प्रिंटर खरीदने का टेंडर हुआ था। ऑडिट में सहारनपुर, हापुड़, रामपुर, महोबा, कौशांबी, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, कानपुर नगर, प्रयागराज, अमरोहा व महाराजगंज में यह गंभीर गड़बड़ी पकड़ में आई। यहां जेम पोर्टल से उन कंपनियों का चयन कर लिया गया है, जो ब्लैक लिस्टेड थीं। एनएचएम निदेशक की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि मेसर्स एस ट्रेडर्स व मेसर्स श्री तिरुपति इंफोटेक को वर्ष 2020-21 में ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है।
इसके बाद भी सहारनपुर व हापुड़ में मेसर्स श्री तिरुपति इंफोटेक को ऑर्डर दिया गया। संबंधित सीएमओ ने राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई को इसकी सूचना भी नहीं दी। यही नहीं आपूर्ति कार्यादेश जारी करने से पहले सत्यापन भी नहीं कराया गया। न ही जिला ऑडिट कमेटी की बैठक में इसकी समीक्षा र्हुई। यही स्थिति रामपुर, महोबा, कौशांबी, अंबेडकर नगर, कानपुर, प्रयागराज, अमरोहा और महराजगंज में सामने आई। इन जिलों में मेसर्स एस ट्रेडर्स का चयन किया गया है। प्रतापगढ़ में भी मेसर्स एस ट्रेडर्स को टेंडर जारी किया गया। यहां ऑडिटर की आपत्ति के बाद भी फर्म का चयन कर लिया गया। जिला ऑडिट कमेटी की बैठक में प्रकरण की समीक्षा भी नहीं की गई।
