भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सबसे बड़ा बोर्ड है। बीसीसीआई उत्तर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। बीसीसीआई द्वारा उत्तर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहारर का सबसे बड़ा नुकसान उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के नाम से प्रसिद्ध नोएडा शहर को हो रहा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा शहर में सैकड़ों करोड़ रूपए की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम बनाए गए हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद बीसीसीआई उत्तर प्रदेश के इन स्टेडियमों में क्रिकेट के किसी बड़े आयोजन की इजाजत नहीं दे रहा है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर में शहीद विजय सिंह पथिक क्रिकेट स्टेडियम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (आईसीसी) ने उत्तर प्रदेश के इस स्टेडियम को मान्यता दे रखी है। आईसीसी द्वारा भारत में मान्यता प्राप्त स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के इस स्टेडियम का 48वां स्थान है। इसका अर्थ यह हुआ कि उत्तर प्रदेश के इस स्टेडियम में आईसीसी देशों के बीच क्रिकेट के मुकाबले खेले जा सकते हैं। बीसीसीआई के सौतेले व्यवहार के कारण लम्बे अर्से से उत्तर प्रदेश का यह स्टेडियम किसी अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले के लिए तरस रहा है। आपको बता दें कि इस साल भी उत्तर प्रदेश के नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में बने हुए स्टेडियम बीसीसीआई के नक्शे से बाहर रहे गए हैं। बीसीसीआई ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर को किसी भी बड़े आयोजन का अवसर नहीं दिया है। खेल प्रेमियों ने इस बात पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेट से जुड़ी तमाम सुविधाओं से लैस उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में दो बड़े क्रिकेट स्टेडियम सेक्टर-21ए और ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक हैं।
