नई दिल्ली (मानवीय सोच) चीन से सटे सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने सामरिक महत्व वाले उत्तरी सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ को मंजूरी दी है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोग्राम पर 4800 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है.
अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 के दौरान लागू किया जायेगा. इसके लिए 4800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 2500 करोड़ रूपये सड़कों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा.
ठाकुर ने कहा कि यह देश की उत्तरी सीमा के सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण है. इससे इन सीमावर्ती गांवों में सुनिश्चित आजीविका मुहैया करायी जा सकेगी, जिससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी.
सरकारी बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम से चार राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश में आजीविका के अवसर और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी. इससे उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र में समावेशी विकास सुनिश्वित हो सकेगा. इस कार्यक्रम से यहां रहने वाले लोगों के लिये गुणवत्तापूर्ण अवसर प्राप्त हो सकेंगे.
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसके साथ ही बताया कि कैबिनेट ने देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और जमीनी स्तर तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अगले 5 वर्षों में 2 लाख बहुउद्देशीय पैक्स/डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना का लक्ष्य रखा है
