शहबाज सरकार की मंत्री ने भरी संसद में खोली अपने देश की पोल ; ‘पाकिस्तान में उग्रवाद नहीं, आतंकवाद है’

इस्लामाबाद  (मानवीय सोच)   आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान में इस समय खूब विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की आवाज संसद तक सुनाई दे रही है। पड़ोसी देश में आतंकवाद इस कदर फैल गया है कि खुद मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार ने भी मान लिया है कि उनके देश में आतंकवाद का खौफ बढ़ रहा है। शहबाज सरकार के मंत्री ने भरी संसद में बुधवार को कबूला कि उनके देश में उग्रवाद नहीं बल्कि आतंकवाद फैला हुआ है। 

दरअसल पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में पिछले दिनों आतंकवादियों ने खूब उत्पात मचाया। इसको लेकर बुधवार को पाक संसद में चर्चा की गई। संसद सत्र के दौरान सांसदों ने स्वात में बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। स्वात में नागरिक हाल के दिनों में बढ़ती हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।  

भरी संसद में पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने कहा, “पाकिस्तान में जो हो रहा है, वह विद्रोह या उग्रवाद नहीं है। यह आतंकवाद है।” उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा जिले की स्थिति की तुलना पड़ोसी अफगानिस्तान से की है। पीपीपी सीनेटर ने कहा कि “धर्म के पीछे अपने नापाक मंसूबों को छिपाने” वाले हिंसक तत्व इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “माफ कीजिएगा, लेकिन यह केवल सत्ता की लड़ाई है। यह धर्म की लड़ाई नहीं है, और इसे कहने की हिम्मत रखिए।”

उन्होंने कहा कि आतंकवाद स्वात में फिर से सिर उठाने की कोशिश कर रहा है। सांसद ने कहा, “यह हमारा देश है और हमें इसे बचाना है।” उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जो “ऑपरेशन हुआ है उसकी प्रगति पर सभी को विश्वास में लिया जाना चाहिए।” मंत्री ने कहा, “पाकिस्तान ने अतीत में [आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में] एक बड़ी कीमत चुकाई है और कई सफल ऑपरेशन हुए हैं जिन्हें पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है।”

दरअसल पाकिस्तान ने जो बोया है वही काट रहा है। दाऊद इब्राहिम, मसूद अजहर, हाफिज सईद सहित भारत के कई सर्वाधिक वांछित आतंकवादी पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाने में हैं। इन घोषित अपराधियों के खिलाफ भारत के ‘रेड नोटिस’ के बावजूद पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में पाकिस्तान में आतंकवाद हर दिन अपनी चरम सीमा की ओर अग्रसर है। 

पाकिस्तान की मंत्री ने स्वीकार किया कि उनके देश में आतंकवाद उभार पर है। उन्होंने कहा, “और अब, टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) बढ़ रहा है। लेकिन किस क्षमता में, और किस रूप में? पाकिस्तान के नागरिक के तौर पर? क्या उन्होंने हथियार छोड़े हैं?” उसने सवाल करते हुए कहा कि अगर ऐसा हुआ है, तो “हमें सबूत दिखाएं”।

उन्होंने कहा, “एक आतंकवादी आतंकवादी है और वह आतंकवादी रहता है क्योंकि उसने हथियार उठाए थे। और जब वह आपसे बात करने के लिए तैयार होता है, तो उसकी कुछ शर्तें होती हैं।” पीपीपी सीनेटर ने आतंकवाद की कई घटनाओं को याद किया और कहा कि यह उनकी समझ से परे है कि आतंकवादियों के साथ समझौता कैसे किया जा सकता है।

पड़ोसी देश पाकिस्तान आतंकवाद के अपने ही जाल में फंसता नजर आ रहा है। आतंकवाद से परेशान पाकिस्तान की जनता सड़कों पर उतरकर एक्शन की मांग कर रही है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी संख्या में लोग सड़कों पर हैं। स्वात की चारबाग तहसील और शांगला के अलपुरी के स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को घाटी में आतंकवाद के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला जारी रखी। उन्होंने सड़कों पर उतरकर अधिकारियों को क्षेत्र में शांति को बर्बाद करने वाले तत्वों पर रोक लगाने की मांग की।

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