लखनऊ (मानवीय सोच) मार्च का महीना जाते जाते भी किसानों को करारी चोट दे गया। मार्च के दूसरे सप्ताह में हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसान अभी अपनी फसल को संभाल भी न पाए थे कि इस अंतिम सप्ताह में फिर से मौसम की मार पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते दो दिनों से प्रदेशभर में हुई बारिश, ओलावृष्टि एवं तेज हवा ने फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बरसात और तेज हवाओं का यह दौर शनिवार से अगले दो दिनों के लिए थम सकता है। इसके बाद फिर दो दिन तक बारिश व तेज हवाओं की आशंका जताई जा रही है।
इसमें सर्वाधिक बरसात गौतमबुद्ध नगर में 21 मिमी रिकार्ड की गई। जबकि बागपत में 16.7 मिमी, मुजफ्फरनगर में 15.9, मेरठ में 14.8 और गाजियाबाद में 14 मिमी पानी बरसा। सिद्धार्थनगर में ओलावृष्टि भी हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोनभद्र में 5.2 मिमी पानी बरसा। लखनऊ में 4.2, कानपुर में 3.9, बाराबंकी में 3.4, हरदोई में 2.1 मिमी बारिश का औसत रहा।
