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स्कूल ने फीस जमा न होने पर बच्ची को परीक्षा देने से रोका ; ‘मानवता न भूलें’

(मानवीय सोच) बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को ट्विटर पर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का एक वीडियो शेयर किया. जिसमें प्राइवेट स्कूल की एक बच्ची रोते हुए बता रही है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस न जमा होने के कारण उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी. वरुण गांधी ने वीडियो के साथ लिखा है कि इस बेटी के आंसू उन लाखों बच्चों की संयुक्त पीड़ा बता रहे हैं जिन्हें फीस न जमा होने के कारण उपहास झेलना पड़ता है. आर्थिक तंगी बच्चों की शिक्षा में रोड़ा ना बने यह हर जिले के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारी है. निजी संस्थान मानवता न भूलें, शिक्षा व्यापार नहीं है.

जानकारी के अनुसार वीडियो उन्नाव के बांगरमऊ के पास टोला नामक एक ग्रामीण शहर का है. वीडियो में छात्रा को स्कूल के गेट के बाहर खड़े किए जाने के बाद फूट-फूट कर रोते हुए देखा गया. और सोमवार को मध्य वर्ष की परीक्षा छूट गई थी.  कक्षा छह में पढ़ने वाली एक छात्रा अपूर्वा सिंह ने कहा, “मैंने (स्कूल प्रबंधन से) कहा था कि पापा आज फीस लेकर आएंगे, लेकिन उन्होंने हमें बाहर कर दिया.”

एक स्थानीय भाजपा नेता ने बाद में बाल विद्या मंदिर स्कूल में अक्टूबर से मार्च (3,000 रुपये) का बकाया चुकाया. जनता के दबाव के बाद, स्कूल प्रबंधन ने भी कहा कि फीस भुगतान की स्थिति के बावजूद, इन छात्रों को मंगलवार को छूटी हुई परीक्षा देने का मौका मिलेगा. यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि बाकी छात्र किस कक्षा में थे और उनका कितना बकाया था.

गौरतलब है कि सितंबर के बाद से कम से कम 10 छात्रों ने ट्यूशन फीस नहीं भरी थी. जिस कारण उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया.  छात्रों के रोने के कारण स्थानीय लोगों का ध्यान उनकी तरफ आकर्षित हुआ और मामला चर्चा में आया. जागरण की खबर के अनुसार स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वेबसाइट की तरफ से दावा किया गया है कि स्कूल प्रबंधक की तरफ से कहा गया है कि छात्रों के लिए छूटी हुई परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी.

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