काशी विश्वनाथ में नहीं होंगे VIP दर्शन, श्रद्धालुओं के लिए रेड कार्पेट

वाराणसी (मानवीय सोच) महाशिवरात्रि (18 फरवरी) पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में वीआईपी दर्शन-पूजन नहीं मिलेगा। सभी श्रद्धालु आम होंगे। लाइन में लगकर ही दर्शन-पूजन करेंगे। यह व्यवस्था मंगलवार को मंदिर प्रबंधन की तरफ  से बनाई गई है। सभी तरह के वीआईपी पास रद्द रहेंगे। यह भी कहा गया है कि मंदिर के कपाट भोर में चार बजे से खुलेंगे। शयन आरती के बाद रात 11 बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे।। दूसरी तरफ, महाशिवरात्रि के दिन मंगला आरती का टिकट दो हजार रुपये में देने का फैसला हुआ है। सामान्य दिनोें में इसका टिकट 350 रुपये में मिलता है।  

महाशिवरात्रि 18 फरवरी को है। मंदिर प्रबंधन को उम्मीद है कि इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। लिहाजा, भीड़ प्रबंधन जरूरी है। इसके लिए प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाई जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में रेड कार्पेट बिछाया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि  महाशिवरात्रि परभोर में मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। रुद्राभिषेक व सुगम दर्शन आदि की सुविधा नहीं मिलेगी। सभी प्रकार के पास भी रद्द रहेेंगे। वीआईपी दर्शन नहीं होंगे। मंगला आरती के लिए टिकट की दरें बढ़ाई गई हैं। इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने तय की जिम्मेदारी  
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी है। पीडब्ल्यूडी को विश्वनाथ धाम सहित शिवालयों के आसपास बैरिकेडिंग की जिम्मेदारी मिली है। बिजली निगम मंदिर मार्ग से प्रमुख शिवालयों के आसपास तारों को दुरुस्त कराएगा। सड़कें भी ठीक कराई जा रही हैं। श्रद्धालुओं के पेयजल की व्यवस्था जल संस्थान को सुनिश्चित करनी है। इसके लिए जगह-जगह पानी के टैंकर खड़े कराए जाएंगे। नगर निगम को सफाई, लाइटिंग की व्यवस्था करनी है। नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने बताया कि प्रमुख शिवालयों के आसपास सफाई कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। महाशिवरात्रि तक सफाई व्यवस्था ऐसे ही रहेगी।

महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। किसी तरह की असुविधा न हो, इसकी व्यवस्था बनाई जा रही है। सभी तैयारियां 17 फरवरी तक पूरी कर ली जाएंगी ताकि 18 फरवरी को श्रद्धालु आराम से दर्शन-पूजन करके जा सकें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *