कोलकाता (मानवीय सोच) पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरी ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर विवादित टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस सहित सभी लोग उनकी व्यापक आलोचना कर रहे हैं। उनके भाषणा की एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद, गिरि ने माफी मांगी है। हालांकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर उनके विवादित बयान से पार्टी ने भी पल्ला झाड़ लिया है। वायरल हुए 17 सेकंड के एक वीडियो में गिरि “राष्ट्रपति के रूप” के बारे में टिप्पणी करते हुए सुनाई दे रहे हैं।
राज्य के सुधार गृह मंत्री व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता गिरि को शुक्रवार देर शाम नंदीग्राम के एक गांव में एक रैली में कहते सुना गया कि, “उन्होंने (भाजपा ने) कहा कि मैं अच्छा नहीं दिखता हूं। हम किसी को उसके रूप से नहीं आंकते। हम (भारत के) राष्ट्रपति के पद का सम्मान करते हैं। लेकिन हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?” आज सुबह पत्रकारों से बात करते हुए गिरि ने उस बयान के लिए माफी मांगी।
टिप्पणियों को “गैर-जिम्मेदार” बताते हुए, पार्टी ने गिरि की टिप्पणी से खुद को दूर कर लिया। टीएमसी प्रवक्ता साकेत गोखले के ट्वीट कर लिखा, “यह एक गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी है। उनकी टिप्पणी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। हमें भारत के राष्ट्रपति पर बहुत गर्व है और उन्हें और उनके कार्यालय को सर्वोच्च सम्मान में रखते हैं।”
इससे पहले मंत्री अखिल गिरी ने एक समाचार चैनल से कहा, “मेरा मकसद राष्ट्रपति का अपमान करना नहीं था। भाजपा नेताओं ने मेरे बारे में जो कहा, मैं उसका जवाब दे रहा था। हर दिन मेरे रूप के कारण मुझपर टिप्पणियां की जाती हैं। अगर किसी को लगता है कि मैंने राष्ट्रपति का अपमान किया है, तो यह गलत है। मैं देश की राष्ट्रपति का बहुत सम्मान करता हूं। ”
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि गिरि का बयान टीएमसी की “आदिवासी विरोधी” मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से हैं। अखिल गिरि ने देश के राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। ये टिप्पणियां टीएमसी की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं।” भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद सौमित्र खान ने टिप्पणी को “जघन्य” करार दिया और गिरि की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
खान ने कहा, “यह एक जघन्य कृत्य है और इसे माफ नहीं किया जा सकता है। सम्मानित राष्ट्रपति का अपमान इस देश की महिलाओं और पूरी आबादी का अपमान है। उन्हें तुरंत विधायक के रूप में अयोग्य घोषित कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मैंने इस बारे में राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखा है।”
