मेरठ में बीमारियों का कहर! लंपी वायरस से दो पशुओं की मौत

मेरठ  (मानवीय सोच)  लम्पी वायरस के चलते जिले में लगातार गोवंश संक्रमित हो रहे हैं। अब तक 512 गोवंश में इसकी पुष्टि हो चुकी है। वहीं रविवार को पहली बार लम्पी वायरस से दो मौत दर्ज की गई। इनमें एक गोवंश की मौत संदिग्ध मानी जा रही है। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसपी पांडे ने बताया कि मृत गोवंश के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। इसके बाद ही कारणों का पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि बचाव के लिए टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। सभी जगहों पर एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। सोमवार से सभी ब्लॉकों में टीकाकरण कराया जाएगा। जिले में अब तक 126 पशु इस बीमारी से ठीक हो गए हैं।

रविवार को उल्देपुर के सिखेड़ा गांव में इलाज के दौरान एक गोवंश की मौत हो गई। पशुपालक अपल सिंह की गाय कई दिनों से बीमार थी। उसका इलाज चल रहा था। यह जिले में वायरस से पहली मौत है। वहीं लालकुर्ती के मैदा मोहल्ले में भी सुबह एक गोवंश को मृत पाया गया। जिले में रविवार से लम्पी वायरस से गोवंश को बचाने के लिए गोट पॉक्स टीके लगाने की शुरुआत भी हो गई। डा.एसपी पांडे ने बताया कि पहले दिन रोहटा क्षेत्र में 100 टीके लगाए गए हैं। आज वृहद स्तर पर टीके लगेंगे।

वायरस के लक्षण
– गाय, भैंस या बैल के शरीर पर गांठें होने लगती हैं
– पशुओं को हो जाता है बुखार
– दुधारू पशु दूध देना बंद कर देते हैं
– गर्भपात की भी संभावना

लक्षण दिखें तो चिकित्सक के पास जाएं
पशुओं में लम्पी वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 20 अगस्त को लखनऊ से पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. इंद्रमणि चौधरी के नेतृत्व में टीम आई थी। टीम ने यहां विभिन्न ब्लाक और क्षेत्रों का जायजा लिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश गर्ग ने कहा कि अगर कहीं पशुओं में लम्पी वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं तो पशु चिकत्सक से संपर्क करें।

टोमाटो फ्लू का खतरा
मेरठ में बच्चों में टोमेटो फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और स्कूलों में एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके लक्षण और बचाव की जानकारी विभाग ने जारी की है। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि यह फ्लू एचएफएमडी यानी हैंड, फुट, माउथ डिजीज की तरह है। वायरल बुखार की तरह इसमें लक्षण उभर रहे हैं। हाथों और त्वचा पर छोटे टमाटर जैसे लक्षण, गले और मुंह में सूजन, बदन दर्द, सर्दी-खांसी, बुखार मुंह के भीतर जीभ, मसूड़ों, हथेलियों पर छाले हो सकते हैं।

जिले में अभी इस फ्लू का कोई मामला नहीं मिला है। हालांकि सभी जगह अलर्ट जारी कर दिया है। ओपीडी में आने वाले सभी बुखार के मरीजों के लक्षणों को गंभीरता से जांचने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध मरीज मिलने पर तुरंत सर्विलांस विभाग को इसकी जानकारी देने को कहा गया है।

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