लखनऊ (मानवीय सोच) शहर की सरकार बनाने में जहां करोड़पति लगातार अपने हाथ आजमाते जा रहे हैं तो वहीं जनता जनार्दन भी इन्हें चुनने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पिछले नगर निकाय चुनाव की बात करें तो इस चुनाव में 586 ऐसे उम्मीदवार चुनाव जीत गए थे जिनकी संपत्ति एक करोड़ से ज्यादा थी। महापौर के चुनावी रण में तो 16 में से 13 ऐसे उम्मीदवार जीते तो करोड़पति थे। इस बार भी ऐसे खूब उम्मीदवार मैदान में कूद रहे हैं।
चुनाव में धनबल का प्रयोग बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि इस चुनाव में भी राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा तय की है और सख्ती से निर्देश दिए हैं कि चुनाव खर्च पर पैनी नजर रखी जाए। बावजूद इसके गुपचुप धन खर्च करने की शिकायतें मिलती रही हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में तो करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है पर निकाय चुनाव में भी स्थिति ऐसी ही हो गई है। बड़ी संख्या ऐसे करोड़पतियों की है जो चुनाव जीत गए। चाहे नगर निगम में महापौर पद हो,
