लखनऊ (मानवीय सोच) केंद्र से यूपी को तीन साल के बकाया जीएसटी प्रतिपूर्ति मिलने का रास्ता साफ तो हो गया है, लेकिन राज्यकर मुख्यालय बकाया राशि का खुलासा करने से कतरा रहा है। वहीं, राज्यकर आयुक्त मिनिस्ती एस की ओर से सिर्फ यह जानकारी दी गई है कि वर्ष 2019-20, 2020-21 व 2021-22 बकाए के संबंध में केंद्र सरकार से निर्धारित प्रारूप पर विवरण सीएजी को सत्यापित करने के लिए भेज दिया गया है।
आयुक्त राज्यकर ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद पांच वर्षों तक जीएसटी की प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार से दिए जाने की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से जीएसटी प्रतिपूर्ति अंतिम रूप से प्राप्त करने के लिए नियमानुसार महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त सत्यापित विवरण देना होता है।
उत्तर प्रदेश से निर्धारित प्रारूप पर 2019-20, 2020-21, 2021-22 तक जीएसटी में वैट, मनोरंजन कर, पर्यटन इत्यादि के प्राप्त राजस्व का विवरण सत्यापित करने के लिए भेजे जा चुके हैं। वहां दो सालों का काम अंतिम चरण में है और वर्ष 2021-22 का अभी प्रारंभिक चरण में है।
दरअसल महालेखाकार कार्यालय से वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक का सत्यापित राजस्व प्राप्त होना है, जिसके बाद भारत सरकार से अवशेष जीएसटी की प्रतिपूर्ति प्राप्त होगी। हालांकि आयुक्त राज्यकर कार्यालय की ओर से यह स्थिति साफ नहीं की गई कि कितने करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति होनी है। इससे संबंधित काम देखने वाले संयुक्त आयुक्त मनोज तिवारी भी इस बारे कुछ बताने से बचते रहे।
