वाराणसी (मानवीय सोच) वंदे भारत एक्सप्रेस के बाद अब वाराणसी में वंदे मेट्रो ट्रेन भी दौड़ेगी। आने वाले दिनों में छोटी दूरी के लिए वंदे मेट्रो का संचालन किया जाएगा। जैसे डेमू और मेमू का संचालन होता है। उदाहरण के तौर पर वाराणसी कैंट से पीडीडीयूनगर रेलवे स्टेशन, वाराणसी-प्रतापगढ़ और वाराणसी- प्रयागराज रेलवे स्टेशन के बीच वंदे मेट्रो का संचालन किया जाएगा। एसी, स्लीपर के साथ ही अनारक्षित बोगी भी होगी।
हाईड्रोजन ट्रेनें भी जल्द ही रेलवे ट्रैक पर नजर आएंगी। बजट में हुए इस प्रावधान की जानकारी रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल अधिकारियों के साथ साझा की है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम रामाश्रय पांडेय ने बताया कि बजट में इन ट्रेनों का प्रावधान किया गया है। रेलमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में यह ट्रेनें शामिल है।
नियमित यात्रियों को होगा बड़ा फायदा
रेल अधिकारियों के अनुसार रेलवे बजट में कई निर्णय लिए गए हैं। वंदे भारत ट्रेन से छोटी यह वंदे मेट्रो ट्रेन होगी। 50 से 120 किमी से कम दूरी वाले दो शहरों के बीच में चलाया जाएगा। जिसका फायदा रोजाना और दो शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को होगा। क्योंकि इसके चलते लोग कम समय में अपने घर या कार्यालय आवाजाही कर सकेंगे।
वंदे मेट्रो ट्रेन में मिलेंगी ये सुविधाएं
मंडुवाडीह और नक्खीघाट रेलवे क्रॉसिंग पर बनेंगे अंडरपास
रेलवे स्टेशनों पर बिकेंगे घरेलू सामान
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम रामाश्रय पांडेय ने बताया कि रेल यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में बनारसी जीआई उत्पाद की बिक्री भी स्टेशनों पर स्टॉल के जरिये की जा रही है। रेलवे की कोशिश है कि यात्रियों को स्टेशन पर ही उनके घरेलू सामान भी उपलब्ध हो, ताकि उन्हें फिर बाजार में जाने की जरूरत नहीं पड़े।
इसी कड़ी में जन सुविधा केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है, जहां एक ही छत के नीचे रसोई और रोजाना उपयोग वाले सामान आसानी से उपलब्ध हो सके। यही नहीं, यात्रियों को सस्ते दर पर दवाएं भी इस जन सुविधा केंद्र पर मिलेंगी। विदेश में इस तरह की व्यवस्थाएं रेलवे स्टेशनों पर संचालित हैं। सप्ताह के सात दिन और 24 घंटे यह केंद्र खुले रहेंगे।
