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यूपी में 1 अप्रैल से कबाड़ होंगे 15 साल पुराने वाहन

लखनऊ: (मानवीय सोच)  उत्तर प्रदेश की सड़कों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहन नहीं दौड़ेंगे। केंद्र सरकार की स्क्रैप पॉलिसी को प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है। 1 अप्रैल 2023 से 15 से पुराने वाहनों को स्क्रैप में भेजे जाने की तैयारी की गई है। इसको लेकर गंभीरता से प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के सभी 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करना होगा। नया नियम निगमों और परिवहन विभाग की बस और अन्य गाड़ियों के लिए भी अनिवार्य होगा। सड़क परिवहन मंत्रालय की मंशा के अनुरूप प्रदेश सरकार 15 वर्ष से ऊपर के निजी वाहनों के साथ-साथ विभागों में लगे पुराने वाहनों को स्क्रैप में बदलने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए माइलस्टोन तय किए गए हैं।

माइलस्टोन-1 के तहत वाहनों की जानकारी देने के लिए गूगल शीट के साथ 23 जनवरी को एक पत्र जारी किया गया है। इसमें 15 साल से पुरानी सरकारी और अर्द्धसरकारी गाड़ियों को कबाड़ घोषित करने संबंधी दिशा-निर्देश है। 28 नवंबर 2022 को निजी वाहनों के लिए रोड टैक्स में 15 फीसदी और कमर्शियल वाहनों के लिए 8 वर्ष पर कुल टैक्स में 10 फीसदी की छूट के लिए अधिसूचना जारी की गई है। पुराने वाहनों पर लंबित देयता की एकमुश्त छूट की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अपने विभाग के 15 वर्ष पुराने वाहनों की जानकारी 5 फरवरी तक अवश्य दे दें, ताकि आगे की कार्यवाही पूरी की जा सके।

केंद्र सरकार देगी 300 करोड़ रुपए

वाहनों को कबाड़ घोषित किए जाने संबंधी योजना को प्रोत्साहित करने के लिए 2000 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित की गई है। राज्यों को यह राशि 31 मार्च तक पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होगी। राज्य को इस योजना के तहत प्रोत्साहन अनुदान के लिए पात्र बनने के लिए माइलस्टोन-1 और माइलस्टोन-2 हासिल करना है। प्रत्येक माइलस्टोन को प्राप्त करने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे, राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा।

माइलस्टोन-1 में तय हुआ लक्ष्य

माइलस्टोन-1 के अंतर्गत आरवीएसएफ में 15 वर्ष से अधिक पुराने सभी सरकारी स्वामित्व वाले वाहनों को स्क्रैप करने के लिए सरकारी आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। यह आदेश राज्य सरकार के सक्षम विभाग की ओर से जारी किए जाने का प्रावधान है। इसमें स्पष्ट रूप से सभी विभागों, स्थानीय निकाय, उपक्रमों आदि में वाहनों की अपेक्षित संख्या का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है। इसे कबाड़ घोषित किया जाएगा। साथ ही, आरवीएसएफ के माध्यम से इनके निपटारा की टाइमलाइन के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा वाहनों पर मोटर वाहन कर रियायत देने और कम से कम एक वर्ष के लिए आरवीएसएफ में रद किए गए पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियों की एकमुश्त छूट का अनुदान देने को भी सुनिश्चित किया जाना है।

माइलस्टोन-2 में पूरा होगा लक्ष्य

माइलस्टोन-2 के तहत चुनिंदा मानदंडों के अनुसार 15 वर्ष से अधिक पुराने सभी सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग होगी। इसके अंतर्गत रद किए गए वाहनों की कुल संख्या, कम से कम राज्य सरकार की ओर से जारी सरकारी आदेश में निर्दिष्ट वाहनों की संख्या के बराबर होनी चाहिए। सभी वाहनों को आरवीएसएफ में ही स्क्रैप किया जाना चाहिए। इन वाहनों की स्क्रैपिंग को सरकारी आदेश में निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) के रूप में स्क्रैपिंग का प्रमाण एमओआरटीएच के साथ साझा करना होगा।

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