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भाजपा में शामिल हुए विभाकर शास्त्री

कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते विभाकर शास्त्री ने पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, माननीय कांग्रेस अध्यक्ष श्री खरगे जी! आदरणीय महोदय, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं। अभी तक इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि आखिर उन्होंने यह कदम क्यों उठाया है।

भाजपा में हुए शामिल

कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद विभाकर शास्त्री ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

पिता के विरासत को बचाने में हुए असफल

विभाकर शास्त्री ने कांग्रेस के टिकट पर वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश की फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें महज 24,688 वोट ही मिले। इसके बाद साल 1999 में उन्होंने चुनाव लड़ा। इसके दस साल बाद 2009 में चुनावी मैदान में उतरे। तीनों बार उन्हें असफलता हासिल हुई। तीन बार प्रयास के बाद भी वह अपने पिता (हरिकृष्ण शास्त्री ) की विरासत को नहीं सहेज पाए।

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