गाजीपुर (मानवीय सोच) माफिया मुख्तार अंसारी को यूपी की एक अदालत ने गैंगस्टर के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई है. मुख्तार अंसारी को जिस गैंगस्टर के मामले में सजा सुनाई गई है, उस मामले में कृष्णानंद राय हत्याकांड के साथ-साथ कोयला व्यापारी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण और हत्या कांड भी शामिल था. कौन थे नंदकिशोर रूंगटा और क्यों लगा था मुख्तार अंसारी पर फिरौती नहीं मिलने पर हत्या करने का आरोप. आइए जानते हैं पूरी कहानी
90 की दशक की कहानी
यह 90 के दशक में उस वक्त की कहानी है जब मुख्तार अंसारी राजनीति में आने के सपने देख रहा था पुलिस के दस्तावेजों में सिर्फ अपराधी था लेकिन उसके अंदर राजनीतिक शक्ति पाने की छटपटाहट जरूर थी यही वजह थी कि एक तरफ वाराणसी में बृजेश सिंह से उसकी अदावत बढ़ती जा रही थी तो दूसरी तरफ राजनीतिक ताकत पाने की लालसा थी. इसी वजह से मुख्तार अंसारी ने नंदकिशोर रूंगटा हत्याकांड को अंजाम दिया
