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गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखें क्‍यों घोषित नहीं की गईं

नई दिल्‍ली :  (मानवीय सोच) निर्वाचन आयोग ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. उम्‍मीद जताई जा रही थी कि हिमाचल प्रदेश के साथ चुनाव आयोग गुजरात विधानसभा के लिए भी तारीख घोषित करेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं. हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी 2023 को समाप्‍त होना है जबकि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल  23 फरवरी 2023 को खत्‍म होगा. ऐसे में उम्‍मीद जताई जा रही थी कि दोनों राज्‍यों के लिए एक साथ, चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा लेकिन आयोग ने गुजरात के लिए तारीखों का ऐलान आज नहीं करके सबको हैरानी में डाल दिया. दोनों विधानसभाओं के कार्यकाल की समयसीमा छह माह के अंदर समाप्‍त हो रही हैं. परंपरागत तौर पर ऐसे मामलों में राज्‍यों में चुनावों की घोषणा एक साथ की जाती है और परिणाम एक ही तारीख पर घोषित किए जाते हैं.

हिमाचल के साथ गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा न करने पर मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त राजीव कुमार ने कहा कि परंपरा, मतदान की तारीखों में अंतर और मौसम सहित विभिन्न कारकों पर विचार के बाद यह फैसला लिया गया. आयोग ने कहा कि कई राज्यों में चुनावों की घोषणा से कुछ के परिणामों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है वहीं आचार संहिता की अवधि भी लंबी हो जाती है. उन्‍होंने कहा कि दोनों राज्‍यों की विधानसभा का कार्यकाल खत्‍म होने में करीब 40 दिन का अंतराल है. नियमों के अनुसार, यह कम से कम 30 दिन होना चाहिए ताकि एक परिणाम दूसरे को प्रभावित न करें. मौसम जैसे कई कारक हैं. हम बर्फबारी शुरू होने से पहले हिमाचल प्रदेश में चुनाव कराना चाहते हैं. मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ने बताया कि आयोग ने सभी से विचारविमर्श किया है. आदर्श आचार संहिता की अवधि भी 70 दिनों से घटाकर 57 दिन कर दी गई है. 

वैसे, वर्ष 2019 की बात करें तो दोनों राज्‍य (हिमाचल और गुजरात) में वोटिंग नवंबर माह की शुरुआत में हुई थी और परिणाम दिसंबर में घोषित किए गए थे. गुजरात में दो चरणों में मतदान हुआ था. गौरतलब है कि  हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 17 अक्‍टूबर को जारी की जाएगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 25 अक्‍टूबर है. 27 अक्‍टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि 29 अक्‍टूबर तक प्रत्‍याशी नाम वापस ले सकेंगे. इस पहाड़ी राज्‍य में 12 नवंबर को मतदान होगा जबकि वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी. हिमाचलमें फिलहाल बीजेपी सत्‍ता पर काबिज है. राज्‍य में विधानसभा की 68 सीटें हैं और यहां बहुमत का आंकड़ा 35 है. हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2017 में हुए 68 सीटों पर विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 44 जबकि कांग्रेस को 21 सीटें हासिल हुई थीं. तीन सीटें अन्‍य के खाते में गई थीं. हिमाचल की 68 सीटों में से 48 सामान्‍य वर्ग, 17 अनुसचित जाति (SC)और 3 अनुसूचित जनजाति वर्ग (ST) के लिए आरक्षित हैं. 

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