केरल की महिला और मासूम बेटी की शारजाह में संदिग्ध मौत – प्रताड़ना की दास्तां ने झकझोरा, पति समेत ससुराल पक्ष पर केस

शारजाह (UAE)/केरल (भारत):
संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह शहर से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने भारत समेत पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। एक 32 वर्षीय केरल की महिला और उसकी 8 महीने की मासूम बेटी अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गईं।
जांच के बाद जो सच सामने आया, वो और भी दर्दनाक था – महिला ने कथित रूप से आत्महत्या की, लेकिन उसने पीछे एक फेसबुक पोस्ट और एक हाथ से लिखा नोट छोड़कर पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दीं। उसमें उसने बताया कि वह किस तरह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना का शिकार रही, और कैसे उसे “मरने के लिए मजबूर” किया गया।
? मृतका कौन थी?
मृतका की पहचान केरल के कोझिकोड ज़िले की रहने वाली महिला रेशमा (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है। उसकी शादी तीन साल पहले दुबई में काम कर रहे एक व्यक्ति से हुई थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ शारजाह चली गई थी। बताया जा रहा है कि पति के परिवार के सदस्य भी समय-समय पर वहां आते-जाते रहते थे।
⚠ क्या हुआ 8 जुलाई को?
शारजाह पुलिस को एक अपार्टमेंट में महिला और उसकी बच्ची की बंद कमरे में मृत अवस्था में जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने दरवाजा खोला, तो दोनों शव फर्श पर पड़े थे। पास ही एक हैंडरिटन नोट और महिला का मोबाइल फोन मिला, जिसमें अंतिम फेसबुक पोस्ट किया गया था।
? फेसबुक पोस्ट और सुसाइड नोट ने खोली पोल
मरने से कुछ घंटे पहले महिला ने एक भावुक फेसबुक पोस्ट किया, जिसमें उसने साफ-साफ लिखा:
“ये आत्महत्या नहीं है, मुझे मजबूर किया गया है। मैंने बहुत सहा, लेकिन अब मेरी बेटी भी सुरक्षित नहीं है। मुझे हर रोज प्रताड़ित किया जाता है। मैं थक चुकी हूं..अब बस यही रास्ता बचा है..”
साथ ही उसने एक हस्तलिखित पत्र भी छोड़ा, जिसमें उसने ससुराल वालों – पति, उसकी बहन और पिता – पर गंभीर घरेलू हिंसा, मानसिक यातना, सामाजिक अलगाव और मारपीट के आरोप लगाए।
? केरल में दर्ज हुआ केस
पीड़िता के मायके वालों ने केरल लौटकर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने IPC की विभिन्न धाराओं के तहत महिला के पति, उसकी बहन (सिस्टर-इन-लॉ), और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, हत्या के लिए उकसाने, और मानसिक उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया है।
केरल पुलिस ने UAE अधिकारियों से संपर्क साधा है और भारतीय दूतावास को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
?⚖ भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की सक्रियता
भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है और भारतीय दूतावास, दुबई से रिपोर्ट मांगी है। भारतीय मिशन ने शारजाह पुलिस से विस्तृत जांच रिपोर्ट की मांग की है और परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
? समाज में उबाल – न्याय की मांग
घटना के सामने आते ही केरल सहित पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
सोशल मीडिया पर #JusticeForReshma ट्रेंड करने लगा।
कई महिला संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले में दोषियों की गिरफ्तारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक प्रक्रिया की मांग की है।
प्रवासी भारतीय संगठन भी मामले की निष्पक्ष जांच और विदेश में रह रही महिलाओं के लिए एक सुरक्षा ढांचा विकसित करने की मांग कर रहे हैं।
? विशेष टिप्पणी:
यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह प्रवासी महिलाओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
अगर एक पढ़ी-लिखी महिला, डिजिटल माध्यमों तक पहुंच रखने के बावजूद, इस हद तक बेबस हो जाए कि मौत को गले लगाना पड़े – तो यह सिस्टम की विफलता है।
आज जरूरत है कि भारत सरकार और खाड़ी देशों में भारतीय दूतावास ऐसे मामलों के लिए एक सशक्त हेल्पलाइन, लीगल सपोर्ट सिस्टम और काउंसलिंग नेटवर्क विकसित करे।
? निष्कर्ष:
रेशमा और उसकी मासूम बच्ची की मौत ने हम सभी को झकझोर दिया है। यह केवल एक खबर नहीं – एक समाज की खामोशी और एक महिला की टूटी हुई आवाज़ की गवाही है
