वाराणसी (मानवीय सोच) आयकर में मिली छूट से आम जनता भले ही राहत महसूस कर रही हो लेकिन गृहणियां खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि मोबाइल, साइकिल, खिलौने, कपड़े सस्ते होंगे, लेकिन ये सभी हर रोज के खर्चे में आने वाले उत्पाद नहीं है।
खाद्य सामग्रियां पहले से महंगी हैं। गैस के दाम कम होंगे, ऐसी उम्मीद थी।
घरेलू उपयोग की वस्तुओं से जीएसटी कम नहीं की गई। महंगाई जस की तस बनी रहेगी। सौंदर्य प्रसाधन को भी सस्ता नहीं किया गया है।
महंगाई जितनी बढ़ी है, उस हिसाब से आमदनी नहीं है। महीने के आखिर तक रसोई चलाना मुश्किल हो जाता है। –
घर का असली बजट बिजली, पानी, सिलिंडर, मसाले, दाल आदि से चलता है। बजट में वो नहीं मिला जिसकी घरेलू महिलाओं को उम्मीद थी।
आम आदमी की थाली से सब्जी, फल, दाल सब गायब होता जा रहा है। हां, ये जरूर है कि टैक्स से छूट मिलने पर मध्यमवर्गीय परिवार को लाभ मिला है।
रसोई गैस, खाद्य तेल जैसी जरूरी वस्तुओं के दामों में कमी होनी चाहिए थी।
कामकाजी महिलाएं उत्साहित, बोलीं… अब बचत कर सकेंगे
आयकर में मिली छूट से कामकाजी महिलाएं राहत महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि टैक्स बचेगा तो महंगाई के दौर में घर का बजट संभलेगा और खर्च ज्यादा कर पाएंगे।
महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू करने की बात कही गई है। इस योजना में महिलाओं को दो लाख की बचत पर 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। इससे महिलाएं घर खर्च से पैसे बचाकर दो साल बाद अच्छी बचत कर सकें गी।
अब सात लाख रुपये की सालाना आय पर टैक्स नहीं देना है। यह बड़ी राहत है। बच्चों की पढ़ाई के साथ अब कुछ बचत भी कर सकेंगे।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।
महिलाओं को फायदा पहुंचाने वाला बजट है। टैक्स स्लैब में छूट से राहत मिली है।
अच्छी बचत करने के साथ घर के खर्चों को भी बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में आर्थिक मदद का प्रावधान है। इससे स्वरोजगार में आसानी होगी।
