देश के स्टार पहलवान बजरंग पुनिया ने देश की नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) पर आरोप लगाया है कि वह उनके करियर को खत्म करना चाहता है. नाडा ने 23 अप्रैल को तोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पूनिया को निलंबित कर दिया था चूंकि उन्होंने 10 मार्च को सोनीपत में हुए चयन ट्रायल के दौरान डोप टेस्ट के लिये नमूने नहीं दिए थे. डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल (ADDP) से हालांकि बजरंग को राहत मिल गई थी लेकिन नाडा ने 24 जून को बजरंग को दूसरी बार निलंबित कर दिया था. एडीडीपी ने पहला निलंबन इस आधार पर हटा दिया था कि नाडा ने पहलवान को औपचारिक नोटिस देकर आधिकारिक तौर पर उस पर डोपिंग का आरोप नहीं लगाया था. इसके बाद नाडा ने उन्हें नोटिस जारी किया और उन्हें फिर से निलंबित कर दिया. बजरंग ने एक्स पर लिखा, ‘यह दर्शाता है कि नाडा मुझे कैसे निशाना बना रहा है, वे नहीं चाहते कि मैं किसी भी कीमत पर कुश्ती जारी रखू.’ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कई बार पदक जीतने वाले इस 30 साल के खिलाड़ी ने दावा किया कि उन्होंने कभी नमूना देने से इनकार नहीं किया, बल्कि केवल इस बात का जवाब मांगा था कि नाडा ने दिसंबर 2023 में नमूना संग्रह के लिए एक एक्सपायर हो चुकी किट क्यों भेजी थी.’ बजरंग ने कहा, ‘उनके पास कोई जवाब नहीं है और वे अपनी गलतियों की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते, वे सिर्फ अपने छुटकारे के लिए एथलीट को परेशान करना चाहते हैं.
