कानपुर : (मानवीय सोच) प्रधानाचार्य रमेशबाबू शुक्ला की हत्या में सजा पाए दोनों आतंकियों को पाकिस्तान में बैठे आका वीडियो कॉलिंग के जरिये उन्हें गोली और बम चलाने की ट्रेनिंग देते थे। इसका खुलासा आरोपियों ने एटीएस से पूछताछ के दौरान किया था। उन्होंने बताया कि आकाओें के कहने पर ही उन्होंने रमेश बाबू शुक्ला को गोली मारी थी।
हिंदू पहचान कर हत्या करने वाले दो आतंकियों को फांसी की सजा आपको बता दें कि आतंकी संगठन आईएसआईएस के सदस्य आतिफ मुजफ्फर और मोहम्मद फैसल को एटीएस/एनआईए के विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर करीब 12-12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बीते दिनों कोर्ट ने दोनों को कानपुर के एक शिक्षक रमेश बाबू शुक्ला के हाथ में बंधे कलेवा से हिंदू पहचान सुनिश्चित कर हत्या करने पर दोषी करार दिया था। इसके अलावा कोर्ट ने भारत की अखंडता, एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पहुंचाने, दूसरे समुदाय के लोगों को मारने व साजिश रचने समेत कई अन्य अपराधों में दोषी पाया था।
