आगरा : (मानवीय सोच) आयुष्मान कार्ड भी फर्जी बनाने का गैंग सक्रिय हो गया है। ये रुपये लेकर अपात्रों को फर्जी आयुष्मान कार्ड थमा दे रहे हैं। लोग इलाज के लिए जब अस्पताल पहुंचते हैं तब फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आधिकारिक पोर्टल पर सत्यापन में ऐसे कार्ड फर्जी साबित हो जाते हैं।
आयुष्मान योजना के 2.05 लाख परिवार लाभार्थी हैं। इनमें 8.91 लाख सदस्यों के कार्ड बनाए जाने हैं। अभी 5.38 लाख सदस्यों के कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चल रहा है। योजना के नाम पर कुछ लोग अपात्रों के फर्जी कार्ड भी बनाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। इलाज के लिए जब ये अस्पताल पहुंचते हैं तो स्टाफ इनके कार्ड के सत्यापन के लिए एबी-पीएमजेएवाई आगरा ऑफिशियल वेबसाइट पर उसे सत्यापित कराते हैं। यहां सत्यापित रिपोर्ट में कई कार्ड फर्जी मिले हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अपात्रों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने की शिकायतें मिली हैं। उपचार के लिए आने पर सत्यापन में ये पकड़ में आते हैं। इनको योजना का लाभ नहीं मिलता। फर्जी कार्ड बनाने वालों पर जांच कराकर कार्रवाई भी करेंगे।
