प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेसर्स शाइन सिटी प्रॉपर्टीज लिमिटेड के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के अंतर्गत शुक्रवार को 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल व अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। कुर्क की गई चल संपत्तियों में लग्जरी कार, आभूषण और 1.42 करोड़ रुपये की नकदी शामिल है, जबकि अचल संपत्तियों में मुंबई और लखनऊ में दो आवासीय फ्लैट्स, सूरत और मुंबई में 21 वाणिज्यिक दुकानें, लखनऊ में 1 वाणिज्यिक कार्यालय स्थल और 1 वाणिज्यिक भूखंड, बख्शी का तालाब, मोहनलालगंज और बाराबंकी लखनऊ में 30.32 करोड़ रुपये की कृषि भूमि के 60 पार्सल शामिल हैं। ईडी ने रशीद नसीम और शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ पुलिस की ओर से दर्ज करीब 554 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। ईडी की जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्तियों, सहयोगियों और प्रमोटरों ने कई कंपनियों को शामिल किया और रियल एस्टेट सेक्टर और अन्य आकर्षक योजनाओं में निवेश की आड़ में पोंजी-पिरामिड योजना के तहत लोगों से धन एकत्र किया। इसके बाद, लोगों को धोखा दिया और एकत्र किए गए धन को डायवर्ट किया। ईडी की जांच में फंड ट्रेल की पहचान हुई और पाया गया कि लोगों से एकत्र किए गए धन को समूह के विभिन्न निदेशकों, प्रवर्तकों, सहयोगियों को स्थानांतरित और डायवर्ट किया गया था। इस तरह से डायवर्ट किए गए फंड का इस्तेमाल करीबी विश्वासपात्रों और सहयोगियों द्वारा बेनामी व्यक्तियों के नाम पर लग्जरी कारों, आवासीय भूखंडों, फ्लैटों, वाणिज्यिक भूखंडों, दुकानों और कार्यालय की जगह और कृषि भूमि की खरीद के लिए किया गया था।
