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कच्चा बिल थमाते ही खुल गई टैक्स चोरी की कुंडली

पांच करोड़ के टर्न ओवर वाले साड़ी कारोबारी का टैक्स चोरी का खेल पकड़ने के लिए जीएसटी की एसआईबी टीम ने भी अलग खेल रच डाला। ग्राहक बनकर पहुंचे टीम के सदस्यों ने उससे 12 सौ रुपये की एक साड़ी खरीदी और कारोबारी ने जब उन्हें उसका कच्चा बिल थमाया तब अपना परिचय देकर छानबीन शुरू की। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की पुष्टि होने पर टीम ने 43 लाख का माल जब्त कर लिया। साथ ही कारोबारी से मौके पर ही छह लाख रुपये भी जमा करा लिए।

एसआईबी की टीम शनिवार शाम नगरिया कला स्थित रेडिमेड गारमेंट के थोक कारोबारी मोहम्मद इकराम की रब जरी आर्ट नाम की फर्म के गोदाम पर पहुंची थी। एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के अनुसार फर्म के खिलाफ टैक्स में हेराफेरी की शिकायतें मिली थीं। टीम ने गोदाम पहुंचकर पहले 12 सौ रुपये की एक साड़ी खरीदी। इसका बिल मांगा तो वहां मौजूद लोगों ने इन्कार कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि साड़ी खराब निकली तो कैसे बदली जाएगी, इस पर उन्हें पर्ची पर एक पीस साड़ी लिखकर कच्चा बिल थमा दिया। इसके बाद टीम ने कारोबारी को अपना परिचय दिया और इसी पर्ची के आधार पर छानबीन शुरू की।

अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि कारोबारी दिल्ली और कानपुर से होलसेल रेट में साड़ियां लाने के बाद उस पर जरी का काम कराने के बाद थोक में बेचता है। जांच में पता चला कि हर साल पांच करोड़ का माल बिकता है, मगर ग्राहकों को कच्चे बिल देकर विभाग में नाममात्र का टैक्स जमा किया जाता है। टैक्स चोरी के लिए कारोबारी दिल्ली और कानपुर की फर्जी फर्मों के बोगस बिल पर फर्जी आईटीसी के जरिए टैक्स समायोजित करा रहा था। 

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