गोरखपुर (मानवीय सोच) वो सात महीने की गर्भवती महिला थी, जिसका कत्ल करने के इल्जाम में उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधु त्रिपाठी जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे. मगर पिछले हफ्ते अचानक यूपी सरकार ने एक फरमान जारी किया
जिसमें लिखा था कि दोनों दोषियों ने 20 साल से ज्यादा की सजा काट ली है और उनके अच्छे बर्ताव को देखते हुए उन्हें जेल से रिहा किया जाता है. मगर हैरानी की बात ये है कि इन बीस सालों में से साढ़े आठ साल तो इन दोनों ने अस्पताल में ही गुजारे हैं.
दरअसल, वो यूपी सरकार का आदेश है, जिसने राज्य के बाहूबली नेता, छह बार के विधायक और तीन-तीन सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई का रास्ता साफ कर दिया. बीते शुक्रवार को वो रिहा भी हो गए. वही अमरमणि त्रिपाठी जिनपर सात महीने की एक एक गर्भवती महिला की हत्या का इलजाम था और जिसके लिए देश की हर अदालत ने उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई थी
