नई दिल्ली (मानवीय सोच) केंद्र ने पिछले पांच वर्षों में इलाहाबाद सहित सात शहरों और कस्बों का नाम बदलने को मंजूरी दी है। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखा गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से प्रदेश का नाम तीनों भाषाओं-बांग्ला, अंग्रेजी और हिंदी में ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव आया है।
ये हैं वो शहर और कस्बे जिनका नाम बदला
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने को 15 दिसंबर, 2018 को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया गया। उनके अनुसार, आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी शहर का नाम राजा महेंद्रवरम करने, झारखंड में नगर उंटारी का नाम श्री बंशीधर नगर करने को भी मंजूरी दी गई। मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के बीरसिंहपुर पाली को मां बिरासिनी धाम, होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम करने और बाबई का नाम माखन नगर करने को स्वीकृति दी गई।
पिछले तीन वर्ष में 3.92 लाख भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी
सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि पिछले तीन वर्ष में 3,92,643 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी तथा सबसे अधिक भारतीयों को अमेरिका ने नागरिकता दी। लोकसभा में हाजी फजलुर रहमान के प्रश्न के लिखित उत्तर के साथ गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सदस्य ने वर्ष 2019 से चालू वर्ष के दौरान नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों के बारे में जानकारी मांगी थी।
राय द्वारा निचले सदन में पेश आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2021 के दौरान नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या 3,92,643 थी। इसमें वर्ष 2019 में 1,44,017 भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी, जबकि 2020 में 85,256 भारतीयों और वर्ष 2021 में 1,63,370 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोडी।
