नई दिल्ली : (मानवीय सोच) चंद्रमा पर ISRO अपना तीसरा मून मिशन भेज चुका है. यानी चंद्रयान-3. भारत दूसरी बार चांद की सतह पर लैंडिंग का प्रयास कर रहा है वह भी ऐसी जगह, जहां पर अब तक किसी भी देश ने लैंडिंग की कोशिश तक नहीं की है. न ही हिम्मत. वैसे दुनिया में 11 देश हैं,
जिन्होंने अपने मून मिशन भेजे हैं. अगर भारत का यह मिशन सफल होता है, तो दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडर उतारने वाला पहला देश बन जाएगा भारत. दुनिया की पहली स्पेस एजेंसी बन जाएगी इसरो
भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक स्थित मैंजिनस-यू क्रेटर के पास चंद्रयान-3 को उतार सकता है. इसरो प्रमुख डॉ एस सोमनाथ पहले ही बोल चुके हैं कि हम चंद्रयान-3 को दक्षिणी ध्रुव के पास उतार रहे हैं. न कि दक्षिणी ध्रुव पर. इसकी वजह ये है कि दक्षिणी ध्रुव का तापमान माइनस 200 डिग्री सेल्सियस या उससे भी कम हो जाता है. वहां रोशनी पर्याप्त नहीं रहती
