महाराष्ट्र (मानवीय सोच) पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार की तरफ से लाउडस्पीकर विवाद पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा अगर महाराष्ट्र में नहीं पढ़ी जाएगी तो क्या पाकिस्तान में पढ़ी जाएगी.
फडणवीस ने किया सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार
बता दें कि हनुमान चालीसा को लेकर हो रहे विवाद के मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस ने आज (सोमवार को) प्रेस कॉन्फ्रेंस की. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आज महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने जो बैठक बुलाई थी हमने उसका बहिष्कार करने का फैसला किया है क्योंकि पिछले 3-4 दिनों में जिस प्रकार से पुलिस का इस्तेमाल करते हुए विरोधी पार्टी के लोगों को जान से मारने का प्रयास किया गया उसके बाद संवाद के लिए जगह कहां बचती है?
‘हिटलरशाही से संघर्ष होता है’
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि हिटलरशाही से संघर्ष होता है, संवाद नहीं. अगर इस प्रकार की प्रवृत्ति यहां पर चलेगी तो हम भी उसका मुकाबला करेंगे. हम गृह मंत्री की बैठक में जाकर क्या करेंगे क्योंकि उस बैठक में मुख्यमंत्री तो मौजूद ही नहीं होंगे.
क्या पाकिस्तान में पढ़ी जाएगी हनुमान चालीसा?
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हनुमान चालीसा महाराष्ट्र में नहीं पढ़ी जाएगी तो क्या पाकिस्तान में पढ़ी जाएगी, इनको हनुमान चालीसा से इतनी नफरत क्यों है? हम सारे हनुमान चालीसा बोलेंगे अगर सरकार में हिम्मत है तो हमारे ऊपर राजद्रोह का गुनाह लगाकर दिखाए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने हनुमान चालीसा पढ़कर भी सुनाई.
उन्होंने कहा कि सांसद नवनीत राणा को जेल में गंदा पानी दिया जा रहा है. जेल में उनके साथ गलत व्यवहार हो रहा है. नवनीत को वॉशरूम जाने नहीं दिया जा रहा है. राणा दंपति की गिरफ्तारी गलत है. उद्धव सरकार अहंकार में है. हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं इसलिए चुप बैठे हैं.
