नीतीश की शराबबंदी की जीतनराम मांझी ने उड़ाई खिल्लीः दो पेग शराब से सेहत को नुकसान नहीं होता

बिहार  (मानवीय सोच)  पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसे कामयाब बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। किसी भी शर्त पर वे शराब बनाने, रखने, बेचने, पीने और पिलाने जैसे शब्दों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। राज्य के जेलों पर इस कानून की वजह से काफी दबाव है। हजारों की संख्या में सरकारी सेवक राज्य में भी दंडित हो चुके हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर शराबबंदी कानून की खिल्ली उड़ाकर नीतीश कुमार के संकल्प की परीक्षा ले ली है।

सासाराम में पूर्व सीएम सह बिहार विधानसभा अनुसूचित जाति-जनजाति के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सासाराम मे कहा कि दो पेग शराब पीने से सेहत को नुकसान नहीं होता है। बल्कि सोते वक्त दो पेग शराब पीने से लोग अच्छा महसूस करते हैं।

जीतनराम मांझी ने डॉक्टरों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक भी शराब दवा की तरह पीने की सलाह देते हैं। इसमें बिहार सरकार को संशोधन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून बिहार में लागू है। लेकिन, आज भी शराब की खेप पहुंच रही है। इसमें गरीब अथवा अनुसूचित जाति-जनजाति लोगों पर ही कार्रवाई की जा रही है। जबकि जो बड़े लोग हैं, वे लोग प्रत्येक दिन शराब सेवन करते हैं। यदि रात्रि में तकरीबन ग्यारह बजे तक बड़े लोगों को ब्रेथ एनालाइजर से जांच किया जाएगा तो, पता चल जाएगा।

उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि जिस क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, यदि पानी सूखा दिया जाएगा तो उसके आगे पानी जाने का सवाल नहीं। लेकिन यहां पर तो ऐसा नहीं किया जाता। उसी तरह शराब जहां से आता है, वहीं पर नहीं रहेगा तो लोग कहां से सेवन करेंगे। उन्होंने फिर कहा कि शराब कानून में संशोधन की जरूरत है। इसके लिए भी सरकार से बातचीत किया जाएगा।

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