(मानवीय सोच) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज भी शामिल हुए थे, ये सम्मेलन खत्म होने के बाद सीएम ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री के अमूल्य विचारों के लिए हृदय से अभिनंदन, नागरिक हितों के संदर्भ में कानून एवं राज्य शासन की भूमिका पर आपके सारगर्भित संबोधन ने नई दिशा प्रदान की।
सीएम शिवराज ने किया ट्वीट
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर लिखा- प्रधानमंत्री द्वारा सम्मेलन में आज दिये गये अमूल्य मंत्रों से हम सबको एक नई दिशा मिली है। हम अधिक शक्ति के साथ प्रदेश के नागरिकों की उन्नति और उनके हितों की रक्षा के ध्येय को प्राप्त कर सकेंगे। प्रधानमंत्री जी के अमूल्य विचारों के लिए हृदय से अभिनंदन!
मुख्यमंत्री ने कहा कि, पीएम मोदी ने अदालतों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही। नि:संदेह, इससे देश के आम नागरिक कोर्ट की कार्रवाई को समझ सकेंगे और उनका भारतीय न्याय प्रणाली में विश्वास और बढ़ेगा। हमारे प्रधानमंत्री ने आजादी के 100 साल पूरे होने पर देश की न्याय व्यवस्था कैसी होनी चाहिये? इस विषय पर चिंतन और मंथन करने की बात कही। बदलते परिवेश और आने वाले समय को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है।
मोदी ने बदलते समय के साथ अप्रासंगिक हो चुके 1450 कानूनों को 2015 में खत्म करने का काम किया था, हमारे प्रधानमंत्री के लिए देश और नागरिकों की चिंता ही प्राथमिकता है। उन्होंने कानून का उपयोग संवेदनशीलता के साथ करने की सलाह दी।
बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, असम के सीएम हिमंत, अरुणाचलप्रदेश के सीएम पेमा खांडू, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा, पंजाब के सीएम भगवंत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने भी विज्ञान भवन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में हिस्सा लिया।
