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फिल्मी अंदाज में महिला डॉक्टर को फंसाया, जन्मदिन पर अश्लील फोटो खींची

आगरा (मानवीय सोच) आगरा में शाहगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर कुख्यात सुधीर सिंह भदौरिया नौ साल बाद फिर सुर्खियों में है। उस पर जेल से फोन करके एक महिला डॉक्टर से पांच लाख रुपये की चौथ मांगने का आरोप है। महिला डॉक्टर ने शाहगंज थाने में मुकदमा लिखाया है। मुकदमे में सुधीर के भाई-भाभी और परिवार के छह सदस्यों को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि परिवारीजनों ने महिला डॉक्टर के अश्लील फोटो भी वायरल किए हैं।

महिला डॉक्टर शाहगंज क्षेत्र की निवासी हैं। नर्सिंग होम संचालक है। उनके पति भी डॉक्टर हैं। गुरुवार को शाहगंज थाने में महिला डॉक्टर की तहरीर पर रंगदारी, जहरखुरानी, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और अपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मुकदमा लिखाया गया है।

मुकदमे में फतेहगढ़ जेल में बंद सुधीर सिंह भदौरिया, ऋषि मार्ग शाहगंज निवासी उसके भाई महेश सिंह, बहन ममता सिंह, भाभी गौरी, मां, भाभी की बहन सुमन और रेनू सिंह को नामजद किया गया है।

इस तरह महिला डॉक्टर को फंसाया
महिला डॉक्टर ने मुकदमे में लिखाया है कि उन्हें साजिश के तहत जाल में फंसाया गया। वह पार्क में टहलने जाती थीं। वहां उनकी मुलाकात सुधीर की तलाकशुदा बहन ममता सिंह से हुई। उसने उनसे पहचान बनाई। एक दिन अपने घर बुलाया। वहां अपनी दुखभरी कहानी सुनाई। उस दौरान उनकी मुलाकात सुमन के भाई महेश और भाभी गौरी से हुई। गौरी ने उनसे दोस्ती कर ली। घर आने-जाने लगी।

बातों ही बातों में यह जान लिया कि उनके पास कितनी प्रोपर्टी है। एक दिन उन्हें जन्मदिन की पार्टी में बुलाया। वहां कुछ नशीला पिला दिया। वह बेहोश हो गईं। इस दौरान परिवारीजनों ने साजिश के तहत महेश के साथ उनके अश्लील फोटो खींच लिए। उसके बाद उनके पति को फोन किया। उनके बेहोश होने की जानकारी दी। इस घटना के बाद गौरी ने उन्हें धमकाना शुरू किया।

उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। उनके बारे में उल्टा-सीधा बोलना शुरू कर दिया। उनसे पांच लाख रुपये मांगे। उन्हें व्हाट्सएप करके उनके अश्लील फोटो भेजे। वायरल करने की धमकी दी। चौथ नहीं देने पर गौरी और महेश ने उनकी कांफ्रेंस पर जेल में बंद सुधीर सिंह भदौरिया से बात कराई। अपराधी ने उन्हें परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी।

सुधीर ने एक बार उन्हें और फोन किया। कहा कि समझदारी चौथ देने में है। मुकदमे में महिला डॉक्टर ने यह भी लिखाया है कि उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में साक्ष्य हैं। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चल जाएगा कि कहां से फोन आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम सुधीर भदौरिया बताया था।

महिला थाने में नहीं हुई सुनवाई
महिला डॉक्टर ने मुकदमे में लिखाया है कि वह महिला थाने गई थीं। तहरीर दी। उनसे कहा गया कि तहरीर बदल दें। समझौता करा दें। मुकदमेबाजी में कुछ नहीं रखा है। पुलिस ने थाने में गौरी को बुलाया। वह वहां रोने लगी। पुलिस से अकेले में बात की।

पुलिस ने इसके बाद उसे समझाया कि फोटो डिलीट करा देंगे। अब उसे कोई धमकी नहीं देगा। समझौता करा दिया। इस घटना के बाद सुधीर ने जेल से फिर फोन किया। कहा कि देखा पुलिस भी उनके कहने पर चलती है। वह घबरा गईं। नर्सिंग होम बंद करके अपनी रिश्तेदारी में धौलपुर चली गईं। परिवार के साथ वहीं रह रही हैं।

अपहरण में हुई है आजीवन कारावास की सजा
वर्ष 2013 के बाद अब सुधीर भदौरिया का नाम किसी वारदात में आया है। वह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। मुकदमे ने फतेहगढ़ जेल सुरक्षा पर भी सवाल उठा दिए हैं। आखिर अंदर मोबाइल कैसे आया। सुधीर भदौरिया पुलिस के लिए कोई नया नाम नहीं है। सुधीर का अपराधिक इतिहास लंबा-चौड़ा है। वर्ष 2004 में सिकंदरा क्षेत्र में सिपाही संतोष यादव की हत्या में नामजद हुआ था। राइफल लूटकर भागा था।

इसके बाद नाटकीय अंदाज में पकड़ा गया था। लखनऊ में दिनदहाड़े खुनखुनजी ज्वैलर्स की दुकान पर डकैती डाली थी। अगस्त 2013 में खंडवा (मध्य प्रदेश) से प्रोपर्टी डीलर राजेश जैन का अपहरण किया था। एनएचएआई का अधिकारी बनकर राजेश जैन को जाल में फंसाया था। खंडवा पुलिस ने फरीदाबाद से सुधीर को पकड़ा था। इस वारदात में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। शाहगंज थाने में उसका हिस्ट्रीशीट नंबर 74ए है।

सोओ लोहामंडी अर्चना सिंह के अनुसार महिला डॉक्टर ने मुकदमा लिखाया है। आरोप गंभीर हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जेल से फोन का भी आरोप है। साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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