मुंबई (मानवीय सोच) भारतीय जनता पार्टी ने एकनाथ शिंदे को भी वही ऑफर दिया है जो कि एनसीपी नेता अजीत पवार को 2019 में दिया गया था। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर शिंदे का गुट महाराष्ट्र की सरकार बदलने में मदद करता है तो उन्हें उपमुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की गई थी। इसके अलावा 2019 की ही तरह मंत्रियों की सीटों पर भी चर्चा हुई थी।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में चुनाव में स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी के बागी अजीत पवार के साथ शपथ ग्रहण कर लिया था। हालांकि उनकी सरकार 80 घंटे भी नहीं चल पाई। भाजपा नेता ने कहा, ‘शिंदे का विद्रोह अजीत पवार की ही तरह है। पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली थी। उन्हें उनकी संख्या के हिसाब से मंत्रिपद देने का भी आश्वासन दिया गया था। वहीं शिंदे गुट को 12 मंत्रियों की उम्मीद है। 2019 तक फडणवीस की सरकार में शिवसेना को इतने ही मंत्रिपद दिए गए थे।’
उन्होंने कहा, कई दिनों की चर्चा के बाद निचले सदन में 63 सदस्यों वाली शिवसेना को केवल पांच मंत्रिपद और सात राज्य मंत्रियों के पद दिए गए थे। शिंदे गुट के पास 45 से ज्यादा विधायक नहीं हैं। इसलिए कहा जा सकता है कि शिवसेना को 2014 में जो हासिल हुआ था उससे ज्यादा मंत्रियों की बर्थ उन्हें नहीं मिल पाएगी।
बता दें कि 2019 में अजीत पवार दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाए थे। ऐसे में उनकी सियासी गणित फेल हो गई थी। इसके बाद वह विद्रोह छोड़कर पार्टी में वापस चले गए। एक सीनियर शिवसेना नेता ने कहा कि रेवेन्यू, लोकनिर्माण विभाक और शहरी विकास जैसे मंत्रालयों को छोड़कर शिंदे गुट को बड़ा मंत्रालय मिलने का उम्मीद कम है। अगर भाजपा सरकार बनाती भी है तो भी शिंदे गुट को 43 सदस्यों के मंत्रिमंडल में 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मिलना मुश्किल है।
