नई दिल्ली : (मानवीय सोच) आपने जासूसी की तमाम कहानियां सुनी होंगी, लेकिन इस कहानी को सुनने के बाद आप अवाक रह जाएंगे. ये कहानी उस महिला की है, जिसने देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को बचाने के लिए अपने ही पति की हत्या कर दी थी. उसमें देशभक्ति इस कदर भरी हुई थी कि वो कुछ भी करने को तैयार थी.
इससे भी बड़ी बात ये है कि उसे भारत की पहली महिला जासूस की उपाधि दी गई. उसने देश के लिए जो कष्ट सहे, उसके बारे में सुनकर किसी की भी आंखों से आंसू आ जाएं. आज भी लोग उसका पूरे दिल से सम्मान करते हैं. यहां हम जिसकी बात कर रहे हैं, उसका नाम नीरा आर्य. है.
उनकी कहानी जानने के लिए आपको वक्त में पीछे जाना होगा, उतना पीछे जब भारत एक गुलाम देश था. अंग्रेज यहां के लोगों को प्रताड़ित कर रहे थे. भारत को लूटकर सारा खजाना ब्रिटेन पहुंचाया जा रहा था. गुलामी की इन्हीं जंजीरों को तोड़ने की कोशिश वो लोग कर रहे थे, जिनकी कुर्बानी के कारण ही आज हम खुली हवा में आजादी से सांस ले पा रहे हैं.
