लोकसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत में बाधक बनने वाले उप्र. के नेता व अधिकारियों के नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटकर आने पर विश्वासपात्र चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले एक-एक नाम का ब्योरा मय सबूत मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी में हैं। इन नामों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मंत्रणा के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इतना ही नहीं, करीबियों की कुंडली भी खंगाली जानी है जो सही तस्वीर का बखान नहीं कर रहे थे। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी से पहले ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाना प्राथमिकता पर है। दरअसल, भितरघात का मामला गंभीर इसलिए है, क्योंकि इसको लेकर न केवल हारे हुए कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है बल्कि कुछ जीते हुए सांसदों ने भी ऐसे ही संकेत दिए हैं। कुछ विधायकों से नाराज हैं तो किसी का आरोप है कि उन्हें स्थानीय संगठन के नेताओं का समर्थन अपेक्षानुरुप नहीं मिला। इसे लेकर पार्टी प्रमुख ने सभी जिला व महानगर इकाइयों से रिपोर्ट तलब की है। एक ओर संगठन स्तर से रिपोर्ट तैयार की ही जा रही है तो वहीं मुख्यमंत्री स्तर से भी उनके विश्वासपात्र पड़ताल कर सूचना दे रहे हैं।
