प्रॉपर्टी डीलर यूसुफ और दिलशाद के बीच गहरी दोस्ती होने के कारण दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। इसी बीच यूसुफ और दिलशाद की पत्नी नाहिदा के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। चार माह पहले नाहिदा ने अपने पति दिलशाद से तलाक लेकर यूसुफ से निकाह कर लिया था। तभी से दिलशाद, यूसुफ का दुश्मन बन गया था। परिवार के लोगों ने बताया कि नाहिदा और यूसुफ के निकाह के बाद से दोनों किराये के मकान में परिवार से अलग रह रहे थे। दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी।
ढाई माह पहले नाहिदा के देवर शाहनवाज ने यूसुफ को रास्ते में घेर लिया था। दोनों के बीच मारपीट हुई थी। जिसमें शाहनवाज और यूसुफ घायल हो गए थे। तब यूसुफ के पिता जिंदा थे। मामला नागफनी थाने पहुंचा था, लेकिन दोनों परिवारों के लोगों ने समझौता कर लिया था। यह समझौता थाने में किया गया था। शाहनवाज और यूसुफ गले भी लगे थे, लेकिन शाहनवाज और उसके परिवार के लोग यूसुफ की हत्या करने की साजिश रचते रहे। 21 अक्तूबर को यूसुफ के पिता की मौत हुई तो आरोपी परिवार को लगा कि अब वह अकेला पड़ गया और उसकी हत्या आसानी से की जा सकती है। इसके बाद से यूसुफ की रेकी करने में लग गए थे।
घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। तब कब्रिस्तान में दूर-दूर तक खून ही खून बिखरा नजर आया। फोरेंसिक टीम ने मौके से खून के नमूने भी लिए। कमर जहां ने 25 दिन में ही पति और बेटे को खो दिया। यूसुफ की मां कमर जहां और उनकी तीनों बेटियों व बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। शुक्रवार को देर रात तक लोग घर आकर उन्हें सांत्वना देते रहे। दौलत बाग मेराज गली निवासी कमर जहां के पति मो. रफीक की लंबी बीमार के चलते 21 अक्तूबर को मौत हो गई थी।
कमर जहां अभी अपने पति की मौत के गम को भी नहीं भूल पाई थीं कि शुक्रवार को बेटे की माैत हो गई। यूसुफ की मौत की खबर सुनकर कमर जहां बेसुध हो गईं। यूसुफ और आरोपी के परिवार एक ही मोहल्ले में रहते हैं। इस घटना के बाद से लोग गम और गुस्से में हैं। बवाल की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने नागफनी थाने के अलावा, सिविल, मुगलपुरा, कोतवाली, गलशहीद थाने की फोर्स मौके पर बुला ली। इसके बाद जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पर भी फोर्स तैनात कर दी गई। इसके अलावा खुफिया तंत्र को भी अलर्ट किया गया है।
