उत्तर प्रदेश : (मानवीय सोच) मैनपुरी में जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग में सोमवार को पहुंचे एक आदमी ने आयोग के चेयरमैन से कहा कि जज साहब मैं अभी तक जिंदा हूं। शिकोहाबाद में बिजली विभाग में नौकरी करता हूं। तत्कालीन पीठासीन अधिकारी ने मुझे मृत बताकर मेरी फाइल बंद कर दी है। मेरी फाइल पर दोबारा सुनवाई करके मुझे न्याय दिलाया जाए। आयोग के चेयरमैन ने पुरानी पत्रावली तलब करके सुनवाई के लिए 18 नंवबर की तारीख तय कर दी है।
इस पर श्यामवीर ने रामनरेश के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में 13 फरवरी 2015 को दावा दायर किया। आयोग के तत्कालीन चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ ने 23 जून 2015 को श्यामवीर को एक लाख छह प्रतिशत ब्याज सहित और पांच हजार रुपये मानसिक कष्ट पहुंचाने के लिए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए। रामनरेश द्वारा रुपया नहीं देने पर आरसी के माध्यम से वसूली करने का आदेश डीएम को दिया। लेखपाल तथा तहसीलदार ने रिपोर्ट दी कि रामनरेश की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में वसूली कर पाना संभव नहीं है।
