बांग्लादेश की सत्ता में बदलाव होने के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बांग्लादेश में कई सारे फैसले ले रही है जिसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा. इसी के चलते मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने बुधवार (28 अगस्त) को पाकिस्तानी समर्थक जमात-ए-इस्लामी संगठन पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था. बता दें कि शेख हसीना की सरकार की तरफ से 1 अगस्त को इस संगठन को आतंकवादी बताते हुए इस पर कई सारे प्रतिबंध लगाए थे क्योंकि शेख हसीना की पार्टी के मुताबिक ये संगठन कई आंतकवादी गतिविधियों में शामिल था.
बैन हटते ही इस संगठन ने भारत विरोधी एजेंडा चलाना शुरू कर दिया है. जमात-ए-इस्लामी के मुखिया शफीकुर रहमान ने भारत को धमकी भरे लहजे में कहा कि उनकी पार्टी बांग्लादेश के मामलों में नई दिल्ली का दखल बर्दाश्त नहीं करेगी. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने पार्टी से बैन हटाते वक्त कहा कि जमात ए इस्लामी और उसके सहयोगी संगठनों के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के किसी भी तरह के कोई सबूत नहीं मिले हैं. जिसकी वजह से इस बैन को हटाया जा रहा है. बैन हटते ही इस संगठन के प्रमुख ने भारत को नसीहत दी है.
