लखनऊ (मानवीय सोच) यूपी की योगी सरकार ने अपनी दूसरी पारी का 100 दिन का कार्यकाल सोमवार को पूरा कर लिया। सीएम योगी ने अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया है। इन सौ दिनों में एक तरफ सीएम योगी लगातार काम करते रहे तो दूसरी तरफ विपक्ष पर हमलावर भी रहे। बीच-बीच में आई चुनौतियों को अवसर में बदलकर विपक्ष को मात देते रहे। चाहे नूपुर शर्मा के मामले के बाद बवाल का मामला हो या फिर लाउडस्पीकर का मामला। सीएम योगी ने तत्काल और कड़ी कार्रवाई करके विपक्ष की बोलती बंद कर दी। अपने फैसलों से दिखा दिया कि उनका कोई विकल्प यूपी में नहीं है।
वर्ष 2017 के मार्च में जब पहली बार योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी तो एक सांसद से सीधे वे देश के सबसे प्रदेश के सत्ता शीर्ष की कुर्सी पर बैठे थे। काफी हद तक उनके फैसलों में प्रशासनिक अधिकारियों का दखल दिखता था। विपक्ष इसे लेकर आरोप भी लगाता रहता था। उन आरोपों को भी सीएम योगी ने कई फैसलों से धराशाई कर दिया।
सीएम योगी ने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही सभी मंत्रियों को 100 दिनों की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। कार्ययोजना पर क्या कार्य हुआ, इसकी समीक्षा चल रही है। 100 दिनों में हुए बड़े फैसलों की बात करें तो कानून व्यवस्था को लेकर बनी बुलडोजर बाबा की छवि को बरकरार रखने में भी सीएम योगी पूरी तरह कामयाब रहे हैं। दंगों और अन्य मामलों पर रोक के लिए भी कड़े कदम उठाए। नियुक्तियों की प्रक्रिया को शुरू कराई गई है। हर परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी के दायरे में लाने की योजना के लिए सर्वे शुरू कराया गया।
इसके अलावा चुनावी वादों के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। सीएम योगी ने क्षेत्र की समस्याओं से सरकार के सीधे जुड़ने को लेकर तमाम मंत्रियों को क्षेत्र में जाकर रहने और वहां पर बात करने का जिम्मा सौंपा है। मंत्रियों के बीच जिलों का वितरण हो चुका है। अभियान शुरू होने से लोगों को अपनी समस्या रखने का एक मंच मिला है। साथ ही, बांग्लादेश से विस्थापित 63 हिंदू परिवारों के पुनर्वास के लिए कानपुर देहात में भूमि के पट्टे का आवंटन किया गया है।
बुलडोजर और तेजी से दौड़ा
विधानसभा चुनाव के दौरान बुलडोजर छाया रहा। योगी ने उस समय कहा था कि जल्द अभी बुलडोजर मरम्मत के लिए गया है। चुनाव बाद फिर तेजी से चलेगा। यह तेजी पिछले 100 दिनों में दिखाई भी दी है। नुपुर शर्मा के बयान के बाद मचे विवाद पर 3 जून को कानपुर में बवाल हुआ। 10 जून को प्रयागराज में बवाल काटा गया। इसके बाद कानपुर दंगे के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी और प्रयागराज के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद पंप को गिरफ्तार कर जावेद पंप के मकान पर बुलडोजर भी चलाया गया। हयाज जफर के करीबी के घर को भी ढहा दिया गया। एक्शन का ही असर रहा कि दंगा तत्काल काबू में आ गया। इसके अलावा पहले महीने में ही दो सौ करोड़ से ज्यादा की अवैध सम्पत्ति ध्वस्त या जब्त की गई है। इसमें 25 माफिया डीजीपी दफ्तर और आठ शासन की ओर से चिन्हित किए गए थे।
अपने आप उतरे लाउडस्पीकर
लाउडस्पीकर को लेकर विवाद भले ही महाराष्ट्र से शुरू हुआ लेकिन इसे लेकर यूपी में ही कार्रवाई हुई। योगी का आदेश जारी होते ही हजारों लाउडस्पीकर धार्मिक स्थलों से उतरने लगे। हजारों की आवाज भी कम हो गई। कार्रवाई को लेकर कहीं से कोई विरोध भी नहीं देखने को मिला।
सीनियर अधिकारियों पर कार्रवाई
योगी ने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही संदेश देने की कोशिश की है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनहित की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम सोनभद्र और एसएसपी गाजियाबाद के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करके सीएम योगी ने साफ संदेश भी दे दिया। डीएम औरैया सुनील वर्मा को भी सस्पेंड कर दिया गया।
युवाओं पर जोर
विपक्ष का सरकार पर नौकरियों और युवाओं की समस्या को लेकर हमले का जवाब भी दिया गया। सरकार बनने के बाद से लगातार नियुक्तियों पर जोर दिया जा रहा है। सरकार बनते ही पुलिस बल के लिए 86 राजपत्रित और 5295 अराजपत्रित नए पदों को शासन ने मंजूरी दी है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में नियुक्तियों को तेज करने का निर्देश दिया गया। यूपीपीएससी की ओर से पिछले 100 दिनों में 3800 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसमें से 3500 से अधिक को नौकरी मिली है। सरकार ने आदेश दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के 20 हजार पदों पर अगले 6 महीने के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
निवेश और रोजगार पर फोकस
योगी सरकार चुनाव के दौरान युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के दावे के साथ सत्ता में पहुंची है। इस दावे को पूरा करने के लिए पिछले दिनों ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इन्वेस्टर को प्रदेश में एक बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का संदेश देने की कोशिश हुई। उद्योगों को बढ़ाकर सरकार बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने की रणनीति तैयार कर रही है।
राशन योजना को बढ़ाया
यूपी चुनाव में भाजपा की जीत में राशन योजना का बड़ा योगदान रहा। कोरोना काल में सरकार की ओर दी जाने वाली मुफ्त राशन योजना को योगी सरकार ने तीन माह के लिए बढ़ाया। सरकार बनते ही कैबिनेट बैठक में 15 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने वाली योजना का रिटर्न गिफ्ट दिया गया।
