लखनऊ : (मानवीय सोच) इंटरमीडिएट छात्र ईशान ने मोतियाबिंद के लिए ऐप बनाया हैं। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस इस ऐप के जरिए प्रदेश के 50 लाख से ज्यादा मोतियाबिंद पीड़ितों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद हैं। बड़ी बात यह हैं कि महज फोटो खींचने भर से किसी की भी आंख में मोतियाबिंद के होने की पुष्टि हो जाएगी।
UPTSU की गाइडेंस में किया गया डेवेलप, रोशनी दिया नाम
ईशान बताया कि AI बेस्ड एप्लीकेशन से आंखों की स्क्रीनिंग करते ही मोतियाबिंद होने पर फीडबैक मिलेगा। मरीज को इसका इलाज कराने की जरूरत हैं, इस बात के जानकारी घर बैठें मिल जाएगी। अभी तक बिना अस्पताल जाए या किसी एक्सपर्ट नेत्र रोग चिकित्सक के परीक्षण किए बिना इसकी पुष्टि करना संभव नही था। इस ऐप को बनाने में ईशान को UPTSU यानी यूपी टेक्निकल सपोर्ट यूनिट ने मदद की। उसके डेटा साइंटिस्ट और डेवेलपर ने साथ मिलकर आईडिया ट्रांसफॉर्म करने में अहम भूमिका निभाई। बाद में इस ऐप का नाम रोशनी दिया गया।
