लखनऊ (मानवीय सोच) विश्वविद्यालय ने अब नई शिक्षा नीति के अनुरूप एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम बनाने की क़वायद शुरू कर दी है। कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने इसका प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसके सदस्यों में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पूनम टंडन, डीन कला संकाय- प्रो. प्रेम लता सुमन, डीन अकादमिक- प्रो राकेश चंद्रा, डीन शोध- प्रो. राजीव पांडे, प्रो. पीयूष भार्गव तथा प्रो. रचना मज्जू, शामिल हैं। ये कमेटी एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार करेगी। हालांकि सत्र 2022-23 में एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम लागू हो पाना मुश्किल है।
