लखनऊ : (मानवीय सोच) विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा के 23, सपा के 15 और अपना दल (एस) के एक विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने कोई सवाल नहीं उठाया। स्पीकर सतीश महाना ने जब ऐसे 39 विधायकों की लिस्ट तैयार करके उन्हें बोलने का मौका दिया। तो 14 विधायक ऐसे रहे जो सदन में मौजूद नहीं रहे या सदन छोड़कर चले गए थे।
तो क्या संकोच के कारण नहीं बोलते हैं विधायक
यूपी की 18वीं विधानसभा के अब तक चार सत्र, कुल 26 बैठक हुई हैं। इनमें विधायकों को अपने क्षेत्र से संबंधित मुद्दे रखने होते हैं। लिस्ट में सामने आए 39 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने किसी मुद्दे पर कुछ नहीं बोला है।
दिलचस्प बात यह है कि विधायक सदन में आते हैं। बैठकों में हिस्सा लेते हैं। लेकिन संकोच में बोलते नहीं हैं। नए विधायकों की अनुभवहीनता के कारण संकोच को समझा जा सकता है। लेकिन कई बार अनुभवी विधायकों ने भी अब तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है।
