नई दिल्ली (मानवीय सोच) दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए गए नगर निगम के बुलडोजर के बैरंग लौटने पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने हैरानी जताई है। एक वीडियो जारी कर मिश्रा ने कहा कि शाहीन बाग में भारतीय संविधान और कानून लागू नहीं होता है और पुलिस और बुलडोजर की भी वहां नो एंट्री है।
भाजपा नेता ने कहा कि आज शाहीन बाग में बुलडोजर गया और वापस आ गया। लोग उसके आगे लेट और कुछ लोग बुलडोजर पर चढ़ गए। पुलिस और बुलडोजर इन सबकी शाहीन बाग में नो एंट्री है। यही नगर निगम और दिल्ली पुलिस दिल्ली के गांधी नगर, विश्वास नगर, विजय नगर, अमर कॉलोनी में कार्रवाई करती है। वहां कानून लागू होता है। लोगों के विरोध के बावजूद भी होता है, लेकिन आज कुछ इलाके ऐसे हो गए हैं जैसे कि शाहीन बाग, जहांगीरपुरी, सीमापुरी यहां पर भारतीय कानून, भारतीय संविधान, पुलिस और नगर निगम की नो एंट्री है। इन इलाकों में भारत का कोई संविधान लागू नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी जगहों को क्या कहा जाए जहां पर ना पुलिस जा सकती है और ना भारत का संविधान और ना कानून लागू होता है। शाहीन बाग, जहांगीरपुरी, सीमापुरी जैसे कुछ इलाके अवैध हथियार, अवैध धंधों और अवैध घुसपैठियों के अड्डे बन चुके हैं।
कपिल मिश्रा ने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि जब भारत का कानून और संविधान लागू ही नहीं होने दे रहे हैं तो इन जगहों को क्या कहा जाएगा। यह तो दिल्ली में और देश में कई जगहों पर छोटे-छोटे मिनी पाकिस्तान बनते जा रहे हैं।
शाहीन बाग से बैरंग लौटा बुलडोजर
बता दें कि, शाहीन बाग में सोमवार को अतिक्रमण रोधी अभियान को अंजाम देने के लिए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के बुलडोजर के पहुंचते ही महिलाओं सहित सैकड़ों स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा शासित एसडीएमसी और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई रोकने की मांग की। कुछ महिलाएं बुलडोजर के सामने आकर खडी़ हो गईं।
आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के नेता भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई के विरोध में सड़क पर बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन के कारण शाहीन बाग, कालिंदी कुंज, जैतपुर, सरिता विहार और मथुरा रोड सहित अन्य क्षेत्रों में भारी जाम लग गया था। विरोध प्रदर्शन के चलते अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को नहीं हटाया जा सका और निगम का बुलडोजर बिना चले ही वापस लौट गया।
