नई दिल्ली (मानवीय सोच) देश में आज भी दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई के रूप में व्याप्त है। हालांकि इसके लिए कानून भी बनाए गए हैं लेकिन अधिकतर लोगों की सोच अभी भी दहेज के चंगुल में फंसी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक किताब चर्चा में है, इस किताब में दहेज के फायदे गिनाए गए हैं। लोग इस किताब पर भड़के हुए हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को टैग करके किताब को बैन करने की मांग कर रहे हैं। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान को टैग किया है।
दरअसल, शिव सेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक ट्वीट शेयर किया है जिसमें इस किताब को हटाने की बात की गई है। उन्होंने लिखा कि श्री धर्मेंद्र प्रधान से ऐसी किताबों को प्रचलन से हटाने के लिए अनुरोध करती हूं। अगर दहेज के गुणों का विस्तार से वर्णन करने वाली पुस्तक वास्तव में हमारे पाठ्यक्रम में मौजूद हो सकती है तो यह राष्ट्र और संविधान के लिए शर्म की बात है।
इस किताब का एक पेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसे कुछ ट्विटर यूजर्स ने शेयर किया है। यूजर्स ने शिक्षा मंत्री को टैग करके इस किताब को प्रचलन से हटाने की अपील की है। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह किताब टीके इंद्राणी द्वारा लिखी गई है और बताया जा रहा है कि यह किताब नर्सों के पाठ्यक्रम में भी शामिल है। इसका प्रकाशन हाउस इन इंडिया ने किया है।
फिलहाल इस किताब के पेज सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। हैरान करने वाली बात यह भी है कि इनमें दहेज के फायदे गिनाए गए हैं। यह भी बताया गया है कि एक बदसूरत लड़की दहेज के दम पर किसी भी हैंडसम लड़के से शादी कर सकती है। बताया गया है कि दहेज लड़कियों को पॉपर्टी के रूप में दिया जाता है और दहेज से लड़कियों को उनका नया घर बसाने में आसानी होती है।
