मेरठ (मानवीय सोच) सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों के अफसरों को सुबह 10 बजे से दफ्तरों में बैठने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अधिकांश हाकिम मनमर्जी से ही कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। गुरुवार को अमर उजाला की टीम ने विकास भवन, नगर निगम, आवास विकास परिषद में सभी कार्यालयों का हाल देखा। अधिकांश अधिकारी साढ़े दस बजे के बाद ही ऑफिस पहुंचे, जबकि फरियादी दस बजे से ही इंतजार में बैठे थे।
विकास भवन में सिर्फ दो अफसर ही पहुंचे 10 बजे
विकास भवन में जिला युवा कल्याण अधिकारी सलोनी गर्ग, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण मोहम्मद तारिक, परियोजना अधिकारी एम. जावेद खान अपने कार्यालयों में नहीं मिले। जिला समाज कल्याण अधिकारी मुस्ताक अहमद भी कार्यालय में नहीं मिले।
जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, शिवकुमार भी अपने कार्यालय से नदारद मिले। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एमएल व्यास और लोकपाल मंडल मेरठ अंशु त्यागी भी कार्यालय में नहीं मिले।
वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव भी समय पर नहीं आईं। हालांकि जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अपने कार्यालयों में बैठे मिले।
सबसे पहले कार्यालय पहुंचे सीडीओ शशांक चौधरी ने कहा कि दो दिन पहले ही देरी से आने वाले और अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की गई। जो भी अधिकारी समय पर नहीं पहुंच रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम में सुबह दस बजे तक निगम के निर्माण, जलकल, टैक्स, पथ प्रकाश आदि सभी विभागों में 30 प्रतिशत कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे। चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार और सहायक अभियंता राजपाल यादव कार्यालय में मिले। बाकी सभी अधिकारियों की कुर्सियां सुबह 10.30 बजे तक खाली रहीं।
10.08 बजे अपर नगरायुक्त ममता मालवीय के कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी खाली मिली।
कार्यवाहक नगरायुक्त एवं अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार का कहना है कि शासन के निर्देश पर निगम के सभी अधिकारी सुबह पांच बजे से शहर की स्वच्छता जांचने के लिए निकलते हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। कुछ अधिकारियों का 10-15 मिनट लेट कार्यालय पहुंचने का कारण यही है।
आवास एवं विकास परिषद कार्यालय में सुबह के 10 बजे एसीई राजीव कुमार कार्यालय में बैठक लेते मिले। संपत्ति विभाग के सहायक आवास आयुक्त केशव राम भी कर्मचारियों की बैठक ले रहे थे। प्रथम तल पर सवा दस बजे निर्माण खंड-3 में प्रशासनिक अधिकारी पीएस रावत कुर्सी पर नहीं थे।

