लखनऊ : (मानवीय सोच) जीएसटी लागू होने के बाद काडर पुनर्गठन का इंतजार खत्म होने वाला है। राज्यकर विभाग में पहली बार स्पेशल कमिश्नर का पद सृजित हो सकता है। मंडलायुक्त की तर्ज पर स्पेशल कमिश्नर मंडल स्तर पर जीएसटी के प्रमुख होंगे। जीएसटी लागू होने के बाद काडर पुनर्गठन का खाका आईआईएम लखनऊ ने तैयार किया था। बाद में विभागीय स्तर पर इसमें कुछ संशोधन किए गए।
स्पेशल कमिश्नर- 18
एडिशनल कमिश्नर ऑडिट- 20
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 अपील- 50
एडिशनल कमिश्नर प्रवर्तन- 20
ज्वाइंट कमिश्नर- 140
डिप्टी कमिश्नर- 120
असिस्टेंट कमिश्नर- 330
वाणिज्यकर अधिकारी- 540
ऑडिट इकाइयां- 60
सचल दल इकाइयां- 150
प्रवर्तन इकाइयां- 60अब जिले का सबसे बड़ा अधिकारी होगा एडिशनल कमिश्नर
100 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले व्यापारियों का पूरा लेखा-जोखा ज्वाइंट कमिश्नर कॉर्पोरेट रखेंगे। 100 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों पर छापे व जांच का काम केवल एडिशनल कमिश्नर प्रवर्तन स्तर के अधिकारी करेंगे। 10 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले व्यापारियों के विरुद्ध जांच की कार्यवाही ज्वाइंट कमिश्नर स्तर से होगी। 10 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों की जांच-छापे का अधिकार डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी के पास होगा।
एडिशनल कमिश्नर ऑडिट- 20
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 अपील- 50
एडिशनल कमिश्नर प्रवर्तन- 20
ज्वाइंट कमिश्नर- 140
डिप्टी कमिश्नर- 120
असिस्टेंट कमिश्नर- 330
वाणिज्यकर अधिकारी- 540
ऑडिट इकाइयां- 60
सचल दल इकाइयां- 150
प्रवर्तन इकाइयां- 60अब जिले का सबसे बड़ा अधिकारी होगा एडिशनल कमिश्नर
100 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले व्यापारियों का पूरा लेखा-जोखा ज्वाइंट कमिश्नर कॉर्पोरेट रखेंगे। 100 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों पर छापे व जांच का काम केवल एडिशनल कमिश्नर प्रवर्तन स्तर के अधिकारी करेंगे। 10 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले व्यापारियों के विरुद्ध जांच की कार्यवाही ज्वाइंट कमिश्नर स्तर से होगी। 10 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों की जांच-छापे का अधिकार डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी के पास होगा।
