कानपुर (मानवीय सोच) कानपुर हिंसा के मामले में गिरफ्तार मुख्तार बाबा पर शिकंजा कसा गया है। उसकी दुकान बाबा बिरयानी को जिला प्रशासन ने सील कर दी है। बाबा बिरयानी की रेव मोती गुटैया, रूपनगर समेत छह शाखाओं को सील किया गया है। मुख्तार कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपी जफर हाशमी का बेहद करीबी और फाइनेंसर माना जाता है। मुख्तार पर शिकंजा कसने के लिए बाबा बिरयानी की सभी दुकानों से FDA (Food and Drug Administration) ने सैंपल लिया था। सभी सैंपल जांच रिपोर्ट में फेल होने के बाद सभी 6 दुकानों को सील कर दिया गया। बाबा बिरयानी के खिलाफ यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर हुई है।
बाबा बिरयानी के मलिक मुख्तार बाबा को कानपुर हिंसा में संलिप्त होने के आरोप में एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। बाबा बिरयानी को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने कानपुर हिंसा की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी जफर हाशमी को गिरफ्तार किया था। डीएम विशाख जी के अनुसार बाबा स्वीट्स के नाम से संचालित हो रहीं बाबा बिरयानी की 6 दुकानों को सील किया गया है।
इन सभी दुकानों के लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं। इसके अलावा यह जांच कराई जायेगी कि शहर में और कहां-कहां बाबा स्वीट्स हैं। इसके बाद उन दुकानों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। सैंपलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दुकान मालकिन बेहद खुश
बाबा बिरयानी जिस दुकान में खुली थी उसकी मालिक रानी प्रशासन की कार्रवाई से बेहद खुश है। उसने कहा कि यह लोग दंबगई दिखाते थे। किराया देने में आनाकानी करते रहते थे। मेरी दुकान पर कब्जा कर लिया था। कई बार पुलिस से शिकायत की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है।
दुकान मालकिन ने कहा कि ये लोग गुंडागर्दी करते थे। कई साल से हम झेल रहे थे। किराया रो-गाकर देते थे। कभी कहते एक हजार ले लो तो कभी दो हजार ले लो। मैं विधवा औरत मेरे बेटे को मार डालने की धमकी देते थे। स्वरूप नगर थाने में शिकायत भी की थी। एक बार माफी मांगा था।
कहा कि आज पता चला कि अल्लाह हैं, सरकार ने बहुत अच्छी कार्रवाई की है। अगर विधवा औरतों को इंसाफ नहीं मिलेगा तो किसे मिलेगा। थाने में शिकायात के बाद भी पैसा खाकर मेरा काम नहीं किया गया।
