अयोध्या (मानवीय सोच) सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला के विराजमान होने के पूर्व यहां श्रीरामकृतु के भव्य लोकार्पण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह मेरे लिए प्रफुल्लित करने वाला क्षण है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस पवित्र स्थल पर नाम और नामी दोनों विराजमान हैं। रामचरित मानस में ‘कलियुग केवल नाम अधारा, सुमरि-सुमरि नर उतरहिं पारा’ यानी कलियुग में नाम का महत्व है। उसके बारे में भी कहा गया है कि जप से सौ गुना अधिक पुण्य नाम लिखने से मिलता है।
यहां 28 करोड़ नाम रामकृुतु में संरक्षित किए गए हैं। इसमें निरंतर वृद्धि होती दिखाई देगी। इसका पुण्य अनंत काल तक हमें न केवल सन्मार्ग पर ले चलने, बल्कि जीवन के समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर करने की प्रेरणा प्रदान करेगा। श्रीरामकृतु में प्रभु का नाम है। लेखन के माध्यम से प्रभु के 28 करोड़ नाम को संरक्षित कर हम पुण्य के भागी बन सकते हैं। यह बातें सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहीं। वे रविवार को अशर्फी भवन पीठ के अंतर्गत नवनिर्मित श्रीरामकृतु स्तंभ व श्रीरामलला भवन के लोकार्पण पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
